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PM मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स की हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार-निवेश पर रहेगा फोकस

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PM मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स की हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार-निवेश पर रहेगा फोकस

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स की हैदराबाद हाउस में बैठक महज कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं — NSE की घंटी से लेकर उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल तक, यह यात्रा भारत-साइप्रस संबंधों को आर्थिक धरातल पर नई मज़बूती देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में साइप्रस राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
बैठक का एजेंडा व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु क्रिस्टोडौलिड्स से मिलेंगी और उनके सम्मान में आधिकारिक भोज देंगी।
जयशंकर शुक्रवार सुबह साइप्रस राष्ट्रपति से अलग भेंट करेंगे।
क्रिस्टोडौलिड्स ने मुंबई में NSE की घंटी बजाई और नेतृत्व दल के साथ आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में साइप्रस के विदेश मंत्री, परिवहन मंत्री और वरिष्ठ कारोबारी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 23 मई को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक का केंद्रीय उद्देश्य व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत-साइप्रस सहयोग को नई गति देना है। क्रिस्टोडौलिड्स ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच पहले से 'उत्कृष्ट' संबंधों को और गहरा करने का 'बेहद महत्वपूर्ण' अवसर बताया है।

राष्ट्रपति का भव्य स्वागत और कार्यक्रम

साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे, जहाँ हवाईअड्डे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि मुंबई यात्रा के बाद नई दिल्ली पहुँचने पर उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

शुक्रवार के कार्यक्रम के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात से पहले क्रिस्टोडौलिड्स से भेंट करेंगे। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी साइप्रस राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और आर्थिक एजेंडा

क्रिस्टोडौलिड्स के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में साइप्रस के विदेश मंत्री कस्टेनसंस, परिवहन मंत्री अलेक्सिस, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं। यह उच्चस्तरीय व्यापारिक उपस्थिति संकेत देती है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक सक्रिय कदम है।

गौरतलब है कि नई दिल्ली आने से पहले क्रिस्टोडौलिड्स ने मुंबई का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी और प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान के साथ NSE की घंटी बजाई। NSE ने एक्स पर जानकारी दी कि इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई।

भारत-साइप्रस संबंधों का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है। साइप्रस, भूमध्य सागर में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान रखता है और यूरोपीय संघ में भारतीय निवेश के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। दोनों देशों के बीच यह उच्चस्तरीय यात्रा आपसी संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में अहम पड़ाव है।

आगे की राह

इस यात्रा से भारत और साइप्रस के बीच व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने वाले संयुक्त वक्तव्य या समझौता-ज्ञापन की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी पिछली कई राजनयिक यात्राओं की तरह संयुक्त वक्तव्य तक सीमित रह जाती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति की बैठक कहाँ और कब होगी?
यह द्विपक्षीय बैठक शुक्रवार, 23 मई को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में होगी। बैठक से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी क्रिस्टोडौलिड्स से अलग भेंट करेंगे।
साइप्रस राष्ट्रपति की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
क्रिस्टोडौलिड्स की यात्रा का उद्देश्य भारत और साइप्रस के बीच व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। उन्होंने इसे दोनों देशों के 'उत्कृष्ट' संबंधों को और गहरा करने का 'बेहद महत्वपूर्ण' अवसर बताया है।
साइप्रस राष्ट्रपति के साथ भारत में और कौन-कौन सी बैठकें होंगी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु क्रिस्टोडौलिड्स से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में आधिकारिक भोज देंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे अलग भेंट करेंगे।
साइप्रस राष्ट्रपति ने मुंबई में क्या किया?
नई दिल्ली आने से पहले क्रिस्टोडौलिड्स ने मुंबई में NSE के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी और MD एवं CEO आशीष कुमार चौहान के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजाई। इस दौरान द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और नए अवसरों पर चर्चा भी हुई।
भारत-साइप्रस संबंध रणनीतिक दृष्टि से क्यों अहम हैं?
साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य और भूमध्य सागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है, जो भारतीय निवेश के लिए यूरोप का एक प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। यह यात्रा भारत के यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव को व्यापक बनाने की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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