7 जुलाई 2026
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ई20 पेट्रोल से खराब हुई एक कार का नाम बताओ: नितिन गडकरी की आलोचकों को खुली चुनौती

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ई20 पेट्रोल से खराब हुई एक कार का नाम बताओ: नितिन गडकरी की आलोचकों को खुली चुनौती

सारांश

नितिन गडकरी ने विकसित भारत कॉन्क्लेव में ई20 पेट्रोल विरोधियों को खुली चुनौती दी — एक भी प्रभावित कार का नाम बताएं। भारत ₹22 लाख करोड़ के पेट्रोलियम आयात में कटौती और किसानों को ₹45,000 करोड़ की अतिरिक्त आय के साथ ऊर्जा स्वावलंबन की राह पर है।

मुख्य बातें

नितिन गडकरी ने 7 जुलाई 2026 को विकसित भारत कॉन्क्लेव में ई20 आलोचकों को चुनौती दी कि एक भी खराब कार का नाम बताएं।
ई20 से माइलेज घटने और वाहन क्षति के दावों को गडकरी ने 'पेड कैंपेन' करार दिया।
भारत हर साल लगभग ₹22 लाख करोड़ का पेट्रोलियम ईंधन आयात करता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को इथेनॉल कार्यक्रम से लगभग ₹45,000 करोड़ की अतिरिक्त आय मिली।
गडकरी ने परिवार के चीनी मिल कारोबार को स्वीकारा, लेकिन इथेनॉल उत्पादन से जुड़ाव से इनकार किया।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत कॉन्क्लेव' में ई20 पेट्रोल कार्यक्रम के विरोधियों को सीधी चुनौती दी — यदि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से किसी भी वाहन को नुकसान पहुँचा हो, तो बस एक कार का नाम सामने रखें। उन्होंने माइलेज घटने और वाहन क्षति के दावों को 'पेड कैंपेन' बताते हुए खारिज किया।

मुख्य घटनाक्रम

गडकरी ने कॉन्क्लेव में स्पष्ट शब्दों में कहा, 'देश में ई20 पेट्रोल की वजह से किसी भी कार में खराबी आने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी कार को ई20 पेट्रोल से दिक्कत हुई है, तो उसका सिर्फ एक नाम बता दीजिए।' उन्होंने यह भी कहा कि उच्च इथेनॉल मिश्रण को लेकर जानबूझकर झूठी कहानियाँ गढ़ी जा रही हैं और ये सब प्रायोजित अभियान का हिस्सा हैं।

ई20 कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है। इथेनॉल गन्ना, मक्का और चावल जैसे जैविक स्रोतों से तैयार होता है और इसे पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है। गडकरी ने बताया कि भारत हर साल लगभग ₹22 लाख करोड़ का पेट्रोलियम ईंधन आयात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर भारी दबाव पड़ता है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं और भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता कम करना नीतिगत प्राथमिकता बन चुकी है। गौरतलब है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है।

किसानों पर असर

गडकरी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के आर्थिक पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की जेब में इस कार्यक्रम की वजह से लगभग ₹45,000 करोड़ की अतिरिक्त आय पहुँची है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

हितों के टकराव पर सफाई

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने उन आरोपों का भी सामना किया जिनमें कहा जाता है कि इथेनॉल नीति से उनके परिवार के व्यावसायिक हित जुड़े हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके परिवार के सदस्य चीनी मिलों से संबद्ध हैं, लेकिन यह स्पष्ट किया कि उनका कारोबार इथेनॉल उत्पादन पर निर्भर नहीं है।

क्या होगा आगे

इथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल का आयात घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई20 कार्यक्रम की सफलता अब क्रियान्वयन की पारदर्शिता और स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण पर निर्भर करेगी, ताकि वाहन उद्योग और उपभोक्ताओं की आशंकाओं का समाधान हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तकनीकी बहस को पूरी तरह नहीं सुलझाती — क्योंकि वाहन क्षति के अनुभवजन्य दावों की जाँच के लिए स्वतंत्र परीक्षण डेटा की जरूरत है, न कि केवल खंडन की। ₹22 लाख करोड़ के आयात बिल का तर्क ठोस है, परंतु 'पेड कैंपेन' का आरोप बिना साक्ष्य के स्वयं एक दावा बन जाता है। किसानों को ₹45,000 करोड़ की आय का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन इसके स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति इस बहस को अधूरा छोड़ती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई20 पेट्रोल क्या है और यह सामान्य पेट्रोल से कैसे अलग है?
ई20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पारंपरिक पेट्रोल मिला होता है। इथेनॉल गन्ना, मक्का और चावल जैसे जैविक स्रोतों से तैयार होता है और इसे पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है।
नितिन गडकरी ने ई20 आलोचकों को क्या चुनौती दी?
गडकरी ने 7 जुलाई 2026 को विकसित भारत कॉन्क्लेव में कहा कि ई20 पेट्रोल से किसी भी कार को नुकसान पहुँचने का एक भी प्रमाणित मामला नहीं है। उन्होंने आलोचकों से ऐसी एक भी कार का नाम बताने को कहा जो ई20 से खराब हुई हो।
इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से किसानों को क्या फायदा हुआ?
गडकरी के अनुसार, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को लगभग ₹45,000 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। यह कार्यक्रम गन्ना और अन्य फसलों की माँग बढ़ाकर किसानों की आमदनी में सुधार करता है।
भारत पेट्रोलियम आयात पर कितना खर्च करता है?
गडकरी ने बताया कि भारत हर साल लगभग ₹22 लाख करोड़ का पेट्रोलियम ईंधन आयात करता है। इथेनॉल मिश्रण इस आयात निर्भरता को कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गडकरी पर हितों के टकराव के आरोप क्यों लगते हैं?
आलोचकों का कहना है कि इथेनॉल नीति से गडकरी के परिवार के कारोबारी हित जुड़े हैं। गडकरी ने स्वयं स्वीकार किया कि उनके परिवार के सदस्य चीनी मिलों से संबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कारोबार इथेनॉल उत्पादन पर निर्भर नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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