28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गडकरी बस से निकले पुणे दौरे पर, बोले— 'पेट्रोल-डीजल बचाना आज की ज़रूरत'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गडकरी बस से निकले पुणे दौरे पर, बोले— 'पेट्रोल-डीजल बचाना आज की ज़रूरत'

सारांश

काफिला छोड़ बस में सवार हुए गडकरी — पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील को ज़मीन पर उतारते हुए। पुणे में पालकी मार्ग निरीक्षण के दौरान उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा से ₹2 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का दावा किया। मध्य-पूर्व संकट की छाया में यह संकेत है कि सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भरता को अब प्रतीकों से आगे ले जाना चाहती है।

मुख्य बातें

नितिन गडकरी ने 14 मई 2026 को पुणे में काफिले की जगह बस से यात्रा कर पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील का समर्थन किया।
गडकरी 2004 से इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन पर काम कर रहे हैं।
वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र से ₹2 लाख करोड़ की नई अर्थव्यवस्था बनने का दावा।
योगी आदित्यनाथ , अमित शाह और सी.
पाटिल समेत कई नेताओं ने काफिले में कटौती की।
रिपोर्टों के अनुसार पीएम मोदी ने अपने काफिले की गाड़ियाँ लगभग आधी कर दी हैं और इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाने पर ज़ोर दिया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार, 14 मई 2026 को पुणे में संत ज्ञानेश्वर मौली महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण किया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने सरकारी काफिले की जगह बस से यात्रा की — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के प्रति एकजुटता का यह एक सार्वजनिक संकेत था। गडकरी ने स्पष्ट किया कि यह कदम महज प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि एक सुविचारित नीतिगत प्रतिबद्धता है।

गडकरी का बयान और वैकल्पिक ऊर्जा पर ज़ोर

निरीक्षण के दौरान गडकरी ने कहा, 'हमारा लक्ष्य प्रदूषण को खत्म करना और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। यह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है। लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक संकट को देखते हुए हमें पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है।'

उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2004 से इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर काम कर रहे हैं। गडकरी के अनुसार, देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, ट्रक और बस उनके नेतृत्व में लॉन्च हुई है। अब कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर भी इस दायरे में लाए जा रहे हैं।

गडकरी ने दावा किया कि आने वाले समय में वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र में लगभग ₹2 लाख करोड़ की नई अर्थव्यवस्था तैयार होगी, जिससे भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ेगा।

पीएम मोदी की अपील की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने एक वर्ष तक सोना न खरीदने, खाने के तेल का कम उपयोग करने और अनावश्यक विदेश यात्राएँ टालने की सलाह भी दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार, स्वयं प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या लगभग आधी कर दी है और इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए।

राज्यों और केंद्रीय मंत्रियों की पहल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने एस्कॉर्ट वाहन न लेने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में कटौती की है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व संकट के गहराने के बाद केंद्र सरकार के कई मंत्रालय ईंधन बचत से जुड़े उपायों पर अमल शुरू कर चुके हैं। सरकार का फोकस वैकल्पिक ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कम ईंधन खपत वाले परिवहन साधनों को बढ़ावा देने पर केंद्रित हो गया है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

गडकरी ने स्पष्ट किया कि ईंधन बचत केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी व्यवस्थाओं में कटौती की है और यही संदेश आम जनता तक पहुँचाना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की यह प्रवृत्ति नीतिगत स्तर पर स्थायी रूप ले, तो इससे शहरी ईंधन खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रतीकात्मकता नीतिगत ढाँचे में तब्दील होगी। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% आयात करता है, और मध्य-पूर्व संकट के बीच ईंधन सुरक्षा एक संरचनात्मक चुनौती है — जिसे काफिले घटाने से नहीं, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा बुनियादी ढाँचे में ठोस निवेश से ही सुलझाया जा सकता है। गडकरी का ₹2 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का दावा महत्वाकांक्षी है, पर इसकी समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। जब तक सार्वजनिक परिवहन में व्यापक निवेश और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की सुलभता नहीं बढ़ती, तब तक नागरिकों से बचत की अपील एकतरफा बोझ बनी रहेगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन गडकरी ने बस से यात्रा क्यों की?
गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के समर्थन में 14 मई 2026 को पुणे में अपने सरकारी काफिले की जगह बस से यात्रा की। उन्होंने कहा कि ईंधन बचत केवल सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने ईंधन बचत की अपील क्यों की?
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सोना न खरीदने, खाने के तेल का कम उपयोग और अनावश्यक विदेश यात्राएँ टालने की सलाह दी।
गडकरी के वैकल्पिक ऊर्जा अभियान में क्या-क्या शामिल है?
गडकरी के अनुसार वह 2004 से इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन पर काम कर रहे हैं। देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार, ट्रक और बस उनके नेतृत्व में लॉन्च हुई है, और अब कृषि मशीनरी व ट्रैक्टर भी इस दायरे में लाए जा रहे हैं।
किन राज्यों और नेताओं ने ईंधन बचत पहल में भाग लिया है?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने काफिले में वाहन घटाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने एस्कॉर्ट वाहन न लेने का फैसला किया है और गृह मंत्री अमित शाह ने भी काफिले में कटौती की है।
वैकल्पिक ऊर्जा से ₹2 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का दावा क्या है?
गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में आने वाले समय में लगभग ₹2 लाख करोड़ की नई अर्थव्यवस्था तैयार होगी। इससे भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा, हालाँकि इस दावे की विस्तृत समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 6 महीने पहले