राजनाथ सिंह और भजनलाल शर्मा मेड़ता में एक ही कार से पहुंचे, मोदी की ईंधन बचाओ अपील का दिखा असर

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राजनाथ सिंह और भजनलाल शर्मा मेड़ता में एक ही कार से पहुंचे, मोदी की ईंधन बचाओ अपील का दिखा असर

सारांश

मोदी की ईंधन बचाओ अपील महज नारा नहीं रही — मेड़ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम भजनलाल शर्मा ने एक ही कार साझा की और काफिला 15-20 गाड़ियों से घटाकर सिर्फ 6 तक सीमित रखा। छोटा कदम, बड़ा संदेश।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 14 मई को मेड़ता, नागौर में हेलिपैड से कार्यक्रम स्थल तक एक ही वाहन में गए।
सामान्य वीवीआईपी काफिले में 15-20 गाड़ियाँ होती हैं; मेड़ता दौरे में सिर्फ 6 वाहन रखे गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले स्वयं 2 गाड़ियों के काफिले से इस पहल की शुरुआत की थी।
दोनों नेताओं ने चारभुजा नाथ मंदिर में पूजा की और राव दूदा की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।
सीएम शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर मेड़ता को सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के बाद दोनों नेता अगले सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए जोधपुर रवाना हुए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार, 14 मई को नागौर जिले के मेड़ता में हेलिपैड से कार्यक्रम स्थल तक एक ही वाहन में सवार होकर पहुंचे — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल, डीजल और ऊर्जा संसाधनों की बचत संबंधी हालिया अपील का यह जमीनी स्तर पर स्पष्ट प्रतिबिंब था। पूरे काफिले में सामान्य वीवीआईपी दौरों की तुलना में महज छह गाड़ियाँ शामिल थीं।

मुख्य घटनाक्रम

दोनों नेता दोपहर करीब 12:15 बजे मेड़ता के डांगावास हेलीपैड पर उतरे। वहाँ से एक ही वाहन में सवार होकर वे पहले प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर गए, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद दोनों नेताओं ने मेड़ता के संस्थापक राव दूदा की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

काफिले में सादगी का संदेश

आमतौर पर वीवीआईपी दौरों में 15 से 20 गाड़ियों का काफिला होता है और सुरक्षा के विस्तृत इंतजाम किए जाते हैं। मेड़ता दौरे में काफिले को जान-बूझकर सिर्फ छह वाहनों तक सीमित रखा गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने यह भी गौर किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं एक दिन पहले ही केवल दो गाड़ियों का छोटा काफिला चुनकर इस पहल की शुरुआत की थी।

सीएम शर्मा की एक्स पर पोस्ट

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज माननीय केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नागौर के मेड़ता में लोक संस्कृति के रक्षक 'राव दूदा जी मेड़तिया' की भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही, कृष्ण भक्ति की अनन्य साधिका एवं संत परंपरा की अमर विभूति भक्त शिरोमणि मीरा बाई जी के भव्य पैनोरमा का अवलोकन भी किया। मेड़ता की यह पुण्यभूमि हमारी सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और गौरवशाली इतिहास की जीवंत प्रतीक है।' उन्होंने आगे कहा कि यह स्थान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, अध्यात्म और संस्कृति से निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा कार्यक्रम

राजनाथ सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए राव दूदा की बहादुरी, भक्ति और समाज सेवा की विरासत को श्रद्धांजलि दी। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की प्रतिमा का अनावरण रतनदा सर्किल के पास किया जाना था। मेड़ता के कार्यक्रम के बाद दोनों नेता एक अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए जोधपुर रवाना हो गए।

आम जनता और राजनीतिक गलियारों पर असर

दो वरिष्ठ नेताओं का 'कारपूलिंग' करना और काफिले का असामान्य रूप से छोटा होना जल्द ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। कई पर्यवेक्षकों ने इस कदम को ईंधन बचत, प्रशासनिक सादगी और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदाराना उपयोग का प्रतीकात्मक संदेश बताया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ऊर्जा संरक्षण को नीतिगत प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना है नहीं। वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल दशकों पुराने हैं और उन्हें घटाने का निर्णय ऊपर से आता है, इसलिए यह कदम राजनीतिक इच्छाशक्ति का संकेत जरूर है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह सादगी नीतिगत बदलाव बनेगी या सिर्फ एक फोटो-अवसर तक सीमित रहेगी। ईंधन संरक्षण की अपील तब विश्वसनीय होती है जब इसे मापने योग्य लक्ष्यों — जैसे सरकारी वाहन बेड़े में कटौती या ईंधन खर्च की सार्वजनिक रिपोर्टिंग — से जोड़ा जाए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेड़ता में राजनाथ सिंह और भजनलाल शर्मा एक ही कार में क्यों गए?
प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन और ऊर्जा संसाधन बचाने की हालिया अपील के अनुपालन में दोनों नेताओं ने कारपूलिंग की और काफिले को सामान्य 15-20 गाड़ियों के बजाय सिर्फ 6 वाहनों तक सीमित रखा।
मेड़ता में कौन-से कार्यक्रम आयोजित हुए?
14 मई को मेड़ता में राजनाथ सिंह और भजनलाल शर्मा ने चारभुजा नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और मेड़ता के संस्थापक राव दूदा की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की प्रतिमा का अनावरण भी रतनदा सर्किल के पास होना था।
पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील कब की थी?
रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में पेट्रोल, डीजल और ऊर्जा संसाधनों की बचत की अपील की थी और स्वयं एक दिन पहले सिर्फ दो गाड़ियों का काफिला चुनकर इसका उदाहरण प्रस्तुत किया था।
इस दौरे में काफिले में कितनी गाड़ियाँ थीं?
मेड़ता दौरे में पूरे काफिले में सिर्फ छह गाड़ियाँ शामिल थीं, जबकि वीवीआईपी दौरों में आमतौर पर 15 से 20 गाड़ियों का काफिला होता है।
मेड़ता कार्यक्रम के बाद दोनों नेता कहाँ गए?
मेड़ता का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राजनाथ सिंह और भजनलाल शर्मा एक अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जोधपुर रवाना हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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