रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में सीबीआई का बड़ा छापा, मुंबई-गुरुग्राम-बेंगलुरु में 7 ठिकानों पर तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 14 मई 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े एक मामले में मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु स्थित 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मुंबई की सीबीआई मामलों की विशेष अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई।
किन ठिकानों पर हुई छापेमारी
जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी कंपनी के उन तत्कालीन सीईओ, सीएफओ और निदेशकों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर की गई, जिन्होंने 2015 से 2017 के दौरान रिलायंस एडीए ग्रुप की इस कंपनी में काम किया था। तलाशी के दौरान कई अहम और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
सीबीआई के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर 7 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल कथित नुकसान ₹27,337 करोड़ बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि इन मामलों के दर्ज होने के बाद अब तक 31 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है। इससे पहले पिछले शनिवार को भी सीबीआई ने मुंबई में 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जो रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस तथा उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के संबंध में थी।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियाँ
20 अप्रैल 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो वरिष्ठ अधिकारियों — डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या — को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मुताबिक, डी. विश्वनाथ समूह के बैंकिंग संचालन के प्रभारी थे, जबकि अनिल काल्या बैंकिंग संचालन और फंड के उपयोग से जुड़े कार्यों में उनकी सहायता करते थे। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि अनिल अंबानी समूह से जुड़े इन समस्त मामलों की जांच की निगरानी सीधे सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है। यह निगरानी इस मामले की संवेदनशीलता और जांच की व्यापकता को रेखांकित करती है। जांच एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।