सीबीआई ने 228 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी में जय अनमोल अंबानी से की पूछताछ
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने 228 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में जांच की।
- जय अनमोल अंबानी से पूछताछ की गई।
- कंपनी का खाता एनपीए और बाद में फ्रॉड करार किया गया।
- छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।
- आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सीबीआई ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के खिलाफ 228 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में अपनी जांच को और तेज कर दिया है। यह मामला अनिल अंबानी के पुत्र जय अनमोल अंबानी से संबंधित है।
सीबीआई ने 6 दिसंबर 2025 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर यह केस दर्ज किया। आरोप है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, इसके प्रमोटर-निदेशक, पूर्व सीईओ रविंद्र सुधाकर और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों ने मिलकर धोखाधड़ी की, जिसके परिणामस्वरूप यूनियन बैंक (जिसे पहले आंध्रा बैंक कहा जाता था) को 228.06 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। कंपनी का खाता 30 सितंबर 2019 को एनपीए घोषित किया गया और 10 अक्टूबर 2024 को इसे फ्रॉड करार दिया गया।
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड ने कुल 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों और एनबीएफसी से 5,572.35 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, जिसमें यूनियन बैंक भी शामिल है। जांच में फंड के गलत इस्तेमाल और डायवर्शन के सबूत सामने आए हैं।
केस दर्ज होने के बाद सीबीआई ने 9 दिसंबर 2025 को मुंबई में कंपनी के दो ऑफिस, जय अनमोल अंबानी के निवास और रविंद्र सुधाकर के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में कई महत्वपूर्ण और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए।
अब इस मामले में पूछताछ के सिलसिले में सीबीआई ने जय अनमोल अंबानी को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में बुलाया। शुक्रवार को वे जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुए और उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई। जांच अधिकारी ने उन्हें अगले दिन फिर से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
यह मामला रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों पर लगे बड़े कर्ज डिफॉल्ट और धोखाधड़ी के आरोपों का हिस्सा है। सीबीआई सभी बैंकों से जुड़े धोखाधड़ी के आरोपों की गहन जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।