सीबीआई ने 3750 करोड़ के एलआईसी घोटाले में अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ कार्रवाई की
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- एलआईसी को 3,750 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप।
- धोखाधड़ी और गबन के आरोप शामिल हैं।
- बैंकों से भी कई शिकायतें आई हैं।
- जांच का महत्व वित्तीय अनुशासन को सुनिश्चित करना है।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम को 3,750 करोड़ रुपए का अनुचित नुकसान पहुँचाया।
यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें साजिश, धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके प्रबंधन ने कंपनी की वित्तीय स्थिति, सुरक्षा और संपत्तियों के बारे में गलत जानकारी देकर एलआईसी को 4,500 करोड़ रुपए के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स में निवेश करने के लिए धोखे से प्रेरित किया।
एलआईसी ने बीडीओ इंडिया एलएलपी द्वारा 15 अक्टूबर 2020 को किए गए एक फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर यह शिकायत दर्ज की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि आरकॉम और उसके प्रबंधन ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाई गई धनराशि का दुरुपयोग किया, सहायक कंपनियों के माध्यम से धनराशि का हस्तांतरण किया, बिक्री चालान वित्तपोषण का दुरुपयोग किया, फर्जी बिलों का भुगतान किया, अंतर-कंपनी जमा और शेल संस्थाओं के माध्यम से संगठित रूप से धनराशि का गबन किया, फर्जी देनदारों और प्राप्तियों का निर्माण किया और उन्हें बट्टे खाते में डाला। साथ ही, सुरक्षा का अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है। प्रभार और परिसंपत्तियों में विसंगति पाई गई है।
इससे पहले भी सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और अन्य लोगों के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की है, जिनमें बैंकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। अनिल अंबानी से दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में 2,929.05 करोड़ रुपए के एसबीआई धोखाधड़ी मामले में लगातार दो दिन पूछताछ की गई थी।
यह मामला 21 अगस्त 2025 को एसबीआई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें कंपनी और उसके प्रबंधन पर 2013 से 2017 के बीच लोन की रकम को गलत तरीके से इस्तेमाल करने और उसे विभिन्न कंपनियों के बीच घुमाने का आरोप है।
एसबीआई इस मामले में 11 बैंकों के समूह का प्रमुख बैंक था, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शामिल हैं। जांच में पता चला कि कुल 19,694.33 करोड़ रुपए के लोन में से 2,929.05 करोड़ रुपए का नुकसान एसबीआई को हुआ।
मामला दर्ज होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से भी अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुईं।
इसके अलावा, 25 फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर भी रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया, जिसमें देना बैंक और विजया बैंक का भी एक्सपोजर शामिल है।