अनिल अंबानी के करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी: ईडी ने अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- अनिल अंबानी के सहयोगियों की गिरफ्तारी पीएमएलए के तहत हुई है।
- इस मामले में सीबीआई की जांच भी शामिल है।
- आरोप है कि उन्होंने एलआईसी को बड़ा वित्तीय नुकसान पहुँचाया।
- इस घटना से न्याय व्यवस्था की सख्ती का संकेत मिलता है।
- जांच अभी भी जारी है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के निकट सहयोगियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को पीएमएलए के अंतर्गत चल रही एक जांच के संबंध में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई कई ईसीआईआर पर आधारित है।
सूत्रों के मुताबिक, झुनझुनवाला, जो रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक रहे हैं, पर आरोप है कि वे आरएचएफएल (रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड) और आरसीएफएल (रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड) के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में शामिल थे।
इस महीने की शुरुआत में, सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), अनिल अंबानी, कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को 3,750 करोड़ रुपए का गलत नुकसान पहुंचाया।
सरकारी बयान के अनुसार, यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड से मिली एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें साजिश, धोखाधड़ी, गलत उपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराधों के आरोप लगाए गए थे।
आरोप है कि एलआईसी को धोखे से 4,500 करोड़ रुपए के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) खरीदने के लिए राजी किया गया। यह सब रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके प्रबंधन द्वारा कंपनी की आर्थिक स्थिति और एनसीडी खरीदते समय एलआईसी को दी गई सुरक्षा और संपत्ति कवर के बारे में की गई भ्रामक जानकारी के आधार पर हुआ।
बयान में आगे कहा गया है कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है।
सीबीआई ने इससे पहले भी आरकॉम लिमिटेड, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ कई बैंकों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों में तीन मामले दर्ज किए थे। सीबीआई ने अनिल अंबानी से दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में लगातार दो दिनों तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ कथित तौर पर 2,929.05 करोड़ रुपए के एसबीआई धोखाधड़ी मामले के संदर्भ में की गई थी।