छत्तीसगढ़: वेदांता पावर प्लांट में बायलर विस्फोट से 20 श्रमिकों की मौत, 15 घायल; एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
रायपुर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए गंभीर बायलर विस्फोट की घटना में नया अपडेट आया है। इस दुर्घटना में अब तक 20 श्रमिकों की जान चली गई है, जबकि 15 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में गंभीर लापरवाही के तहत कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच प्रारंभ कर दी है।
यह दुखद घटना 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई में घटित हुई। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल ने पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुँचकर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को रायगढ़ जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल और अन्य उपचार केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान 20 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई।
प्रारंभिक जांच में इस घटना के कारणों का पता चला है। बायलर मुख्य निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, बायलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो जाने के कारण अचानक अत्यधिक दबाव उत्पन्न हुआ, जिससे बायलर-1 में विस्फोट हो गया। दबाव इतना अधिक था कि बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया, जिससे यह भयानक दुर्घटना हुई। इसके अलावा, एफएसएल सक्ती की रिपोर्ट में भी इसी कारण की पुष्टि की गई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएल ने मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही की। सुरक्षा मानकों का उचित पालन नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बायलर के दबाव में असामान्य उतार-चढ़ाव हुआ और अंततः विस्फोट हुआ। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है।
इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसकी अगुवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल कर रहे हैं। टीम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं। पुलिस विभाग तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर मामले की गहराई से जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।