जय अनमोल अंबानी से सीबीआई ने 228 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में दूसरी बार पूछताछ की
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने जय अनमोल अंबानी से 228 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की है।
- यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से संबंधित है।
- पूछताछ का समय लगभग छह घंटे था।
- कई अन्य आरोपी भी इस मामले में शामिल हैं।
- जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 228 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से शनिवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत उनसे सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक, लगभग छह घंटे तक प्रश्न किए गए।
यह पूछताछ रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) से संबंधित 228 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई। इसमें कंपनी के पूर्व सीईओ और पूर्व पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधालकर समेत कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। जय अनमोल अंबानी इस मामले में एक आरोपी हैं। हालांकि, इस बारे में कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सीबीआई ने पिछले दिन शुक्रवार को भी अनिल अंबानी के बेटे से पूछताछ की थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, जय अनमोल अंबानी से दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ की गई। अधिकारियों ने बताया कि उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रश्न किए गए और आगे की जांच के लिए उन्हें शनिवार को भी उपस्थित रहने को कहा गया था।
सीबीआई ने इस मामले में 9 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मुंबई में जय अनमोल अंबानी के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया था। यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व में आंध्रा बैंक) की शिकायत के आधार पर की गई थी। बैंक ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने बैंक से लिया गया कर्ज वापस नहीं चुकाया, जिसके कारण वर्ष 2019 में यह खाता गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में बदल गया।
इसके अलावा, 6 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने इस बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया। इसमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, जय अनमोल अंबानी, रविंद्र सुधालकर और अन्य अज्ञात व्यक्तियों तथा सरकारी अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के जरिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को लगभग 228.06 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड ने कुल मिलाकर 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों, एनबीएफसी और कॉर्पोरेट संस्थाओं से लगभग 5,572.35 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी शामिल है। आरोप है कि कंपनी ने इन संस्थानों को गुमराह कर लोन लिया और बाद में भुगतान नहीं किया। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
सीबीआई ने इस मामले में मुंबई9 दिसंबर 2025 को मुंबई में रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के दो आधिकारिक परिसरों, जय अनमोल अंबानी के आवास और कंपनी के तत्कालीन निदेशक रविंद्र सुधालकर के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।