मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने घटाया काफिले का आकार, PM मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार, 12 मई को घोषणा की कि अगले आदेश तक उनके काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखी जाएगी और उनके दौरों के दौरान कोई वाहन रैली आयोजित नहीं होगी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस राष्ट्रव्यापी अपील के बाद आया है जिसमें उन्होंने नागरिकों से ईंधन की बचत करने और आयात पर निर्भरता घटाने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री का निर्देश और घोषणा
मुख्यमंत्री यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर मध्य प्रदेश राष्ट्रीय हित में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक उनके काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रहेगी और दौरों के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी। साथ ही उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी ऐसा ही अनुसरण करने का आग्रह किया।
200 वाहनों के काफिले से उठा विवाद
यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब पाठ्यपुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन से 200 से अधिक वाहनों के भव्य काफिले के साथ कार्यभार संभालने पहुँचे थे। इस घटना की व्यापक आलोचना हुई क्योंकि यह ऐसे समय में विरोधाभासी संदेश देती है जब स्वयं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ईंधन संयम का आह्वान कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह विवाद मुख्यमंत्री की घोषणा से कुछ ही घंटे पहले सामने आया था।
PM मोदी की व्यापक ईंधन बचत अपील
सोमवार को कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से कई महत्वपूर्ण अपीलें की हैं। इनमें किसानों से डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा पंपों का उपयोग करने, उर्वरक आयात घटाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने और माल परिवहन के लिए रेलगाड़ियों का अधिक उपयोग करने का आग्रह शामिल है। मौजूदा वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह अपील की गई है।
नागरिकों से की गई अन्य अपीलें
प्रधानमंत्री की अपील के अनुसार नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने, कम से कम एक वर्ष के लिए विदेश यात्रा स्थगित करने, घरेलू पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने, एक वर्ष के लिए सोना न खरीदने और घरेलू स्तर पर खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। यादव ने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और नव नियुक्त निगम तथा बोर्ड के अधिकारी भी सादगी से कार्यभार संभालेंगे।
आगे की राह
यादव के निर्देश के बाद अब मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों पर काफिलों को छोटा रखने और यात्रा के सरल तरीके अपनाने की जिम्मेदारी आ गई है। यह देखना अहम होगा कि सौभाग्य सिंह ठाकुर के 200 वाहनों के काफिले जैसे विवाद के बाद पार्टी के भीतर इस निर्देश का कितनी सख्ती से पालन होता है।