क्या मध्य प्रदेश में बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी? - सीएम मोहन यादव

Click to start listening
क्या मध्य प्रदेश में बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी? - सीएम मोहन यादव

सारांश

क्या मध्य प्रदेश में बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी? सीएम मोहन यादव ने विद्युत उत्पादन के महत्व को रेखांकित करते हुए नए बिजली संयंत्रों की स्थापना की जानकारी दी। यह प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Key Takeaways

  • 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से बिजली उत्पादन का समझौता।
  • 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन की योजना।
  • 8 हजार लोगों को रोजगार मिलना।
  • 2030 से बिजली आपूर्ति की संभाव्यता।
  • नवकरणीय ऊर्जा में मध्य प्रदेश की उपलब्धियां।

भोपाल, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की तरह है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, उसी तरह किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता बेहद जरूरी है।

प्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थायी विकास की नींव रखेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में वृद्धि होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के जिगिश मेहता, अदाणी पॉवर लिमिटेड के एसबी खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश-विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल-पर्यावरण-कोयला-रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्य प्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं।

एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था।

इसके अनुसार हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा अदाणी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट और ग्रीन शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अदाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिए विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।

Point of View

जो राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी। बिजली की उपलब्धता को सुनिश्चित करना न केवल उद्योगों के लिए, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या मध्य प्रदेश में बिजली की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव है?
मुख्यमंत्री ने 4 हजार मेगावॉट के बिजली उत्पादन के समझौते से इसकी संभाव्यता को उजागर किया है।
नए विद्युत संयंत्र कब स्थापित होंगे?
ये संयंत्र अनूपपुर में स्थापित किए जाएंगे और 2030 से विद्युत आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
क्या इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
हां, अनुमानित 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
इस परियोजना में वित्तीय निवेश कितना है?
इसमें टोटल 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है।
क्या यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल है?
परियोजना में भूमि-जल-पर्यावरण का बेहतर समन्वय आवश्यक है, जो इसे स्थायी बनाएगा।
Nation Press