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दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश दिया, RBI ने की पुष्टि

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दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश दिया, RBI ने की पुष्टि

सारांश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के परिसमापन का आदेश दे दिया है — यह उस नियामकीय कार्रवाई का अंतिम अध्याय है जो अप्रैल 2026 में लाइसेंस रद्द होने से शुरू हुई थी। SBI के पूर्व अधिकारी गिरिकुमार नायर परिसमापक नियुक्त, जमाकर्ताओं के भविष्य पर नज़रें टिकी हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 के आदेशों से पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) के परिसमापन का निर्देश दिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 28 जुलाई 2026 को इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
SBI के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम.
नायर को आधिकारिक परिसमापक नियुक्त किया गया है।
परिसमापक 8 जुलाई 2026 से ही बैंक के निदेशक मंडल की समस्त शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं।
RBI ने अप्रैल 2026 में लगातार नियामकीय उल्लंघनों के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के परिसमापन (वाइंडिंग-अप) का आदेश दे दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 28 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि यह आदेश उस प्रक्रिया का अंतिम चरण है जो अप्रैल 2026 में बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद शुरू हुई थी। लगातार नियामकीय उल्लंघनों और जमाकर्ताओं के हितों के विरुद्ध संचालन के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

न्यायालय के आदेश का विवरण

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 को दो अलग-अलग आदेशों के ज़रिए बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का निर्देश दिया। RBI ने एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल भुगतान क्षेत्र पर नियामकीय निगरानी लगातार कड़ी हो रही है। गौरतलब है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक देश के सबसे बड़े फिनटेक खिलाड़ियों में से एक था।

परिसमापक की नियुक्ति

अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का आधिकारिक परिसमापक नियुक्त किया है। उन्हें बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट और कंपनी अधिनियम के तहत निर्धारित समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।

RBI के अनुसार, गिरिकुमार एम. नायर 8 जुलाई 2026 से ही बैंक के निदेशक मंडल की सभी शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं। बैंक के संचालन और परिसमापन से जुड़े सभी निर्णय अब उन्हीं की देखरेख में लिए जाएंगे।

लाइसेंस रद्द होने की पृष्ठभूमि

RBI ने अप्रैल 2026 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किया था। केंद्रीय बैंक ने उस समय स्पष्ट किया था कि बैंक लगातार नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा और उसका संचालन जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल पाया गया।

लाइसेंस रद्द करते समय RBI ने यह भी घोषणा की थी कि वह परिसमापन की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगा। अब न्यायालय के आदेश के बाद यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

आधिकारिक परिसमापक गिरिकुमार एम. नायर अब बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन कर जमाकर्ताओं और लेनदारों के दावों का निपटारा करेंगे। परिसमापन प्रक्रिया बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित क़ानूनी ढाँचे के अनुसार संचालित होगी। पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े खाताधारकों और व्यापारियों के लिए अगले चरण की जानकारी परिसमापक के कार्यालय से अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि उन लाखों जमाकर्ताओं और छोटे व्यापारियों का क्या होगा जिन्होंने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भरोसा किया था। परिसमापन प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित दावा-निपटारा तंत्र की अनुपस्थिति डिजिटल भुगतान में जन-विश्वास को नुकसान पहुँचा सकती है। नियामक को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्रवाई की कठोरता और उपभोक्ता-सुरक्षा — दोनों साथ-साथ चलें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश क्यों दिया?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने RBI के अनुरोध पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत यह आदेश दिया, क्योंकि अप्रैल 2026 में लगातार नियामकीय उल्लंघनों और जमाकर्ताओं के हितों के विरुद्ध संचालन के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया जा चुका था।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक का परिसमापक कौन है?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का आधिकारिक परिसमापक नियुक्त किया है। वे 8 जुलाई 2026 से बैंक के निदेशक मंडल की समस्त शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस कब और क्यों रद्द हुआ?
RBI ने अप्रैल 2026 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक लगातार नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा और उसका संचालन जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल पाया गया।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के जमाकर्ताओं पर क्या असर होगा?
आधिकारिक परिसमापक गिरिकुमार एम. नायर बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन कर जमाकर्ताओं और लेनदारों के दावों का निपटारा करेंगे। परिसमापन प्रक्रिया बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत संचालित होगी और अगले चरण की जानकारी परिसमापक के कार्यालय से अपेक्षित है।
परिसमापन के लिए कौन-से क़ानूनी प्रावधान लागू हैं?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत परिसमापन का आदेश दिया है। परिसमापक को इन दोनों अधिनियमों के तहत उपलब्ध समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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