क्या मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से महत्वपूर्ण मुलाकात की?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।
- राज्य के विकास और कल्याणकारी पहलों पर चर्चा हुई।
- मुख्यमंत्री ने नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य बताया।
- 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना साझा की गई।
- गाडरवारा में एनटीपीसी परियोजना का आमंत्रण दिया गया।
नई दिल्ली/भोपाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के विकास और कल्याणकारी पहलों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री जी को 'नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश' के लक्ष्य को समय से पूर्व पूरा करने की जानकारी दी। सरकार की 2 वर्षों की उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजना एवं 'समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश' के संकल्प को लेकर मनाए जा रहे 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' की रूपरेखा साझा की। इसके साथ ही 'अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव' के माध्यम से 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश एवं बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को गाडरवारा (नरसिंहपुर) स्थित एनटीपीसी सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमिपूजन हेतु मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया। आपके मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तीव्र गति से विकास करते हुए आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री यादव ने दिल्ली दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज नई दिल्ली दौरे के दौरान, मैंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रसाद नड्डा से मुलाकात की और राज्य के विकास के लिए विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।”
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इंदौर के भागीरथपुरा में पानी दूषित होने की त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री यादव की सरकार आलोचनाओं का सामना कर रही है, जहां राज्य सरकार के अनुसार, डायरिया के प्रकोप से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य अभी भी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।