क्या भारत ईरान की स्थिति पर नजर रखेगा और अपने नागरिकों के लिए कदम उठाएगा?

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क्या भारत ईरान की स्थिति पर नजर रखेगा और अपने नागरिकों के लिए कदम उठाएगा?

सारांश

भारत ईरान में हो रहे हालात पर गंभीरता से ध्यान दे रहा है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। क्या भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने में सफल होगा? जानिए इस मुद्दे पर ताजा जानकारी।

Key Takeaways

  • भारत ईरान में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सक्रिय है।
  • ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रहते हैं।
  • विदेश मंत्रालय ने यात्रा न करने की सलाह दी है।
  • चाबहार पोर्ट परियोजना पर भारत का ध्यान।
  • भारत और ईरान के बीच संबंधों का महत्व।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत, ईरान में तेजी से बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और देश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें छात्र, व्यवसायिक लोग, पेशेवर, तीर्थयात्री और नाविक शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्थिति को देखते हुए, हमने कुछ सलाहें जारी की हैं। सभी भारतीय नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने का अनुरोध किया गया है और जो भारतीय पहले से ईरान में हैं, उन्हें उपलब्ध साधनों से, जिनमें वाणिज्यिक उड़ानें शामिल हैं, देश छोड़ने की सलाह दी गई है। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और अपने नागरिकों की भलाई के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।”

ईरान में विरोध प्रदर्शन प्रारंभ में गंभीर आर्थिक परिस्थितियों, जैसे कि रिकॉर्ड स्तर की मुद्रास्फीति और मुद्रा पतन, के कारण शुरू हुए और अब पूरे देश में फैल गए हैं। प्रदर्शनकारी राजनीतिक और शासन संबंधी बड़े बदलावों की मांग कर रहे हैं।

5 जनवरी को भारत ने अपने नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी और ईरान में रहने वाले भारतीयों से कहा गया था कि यदि उन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराएं।

चाबहार पोर्ट परियोजना से भारत के बाहर होने की खबरों के सवाल पर जयसवाल ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, 28 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी खजाना विभाग ने एक पत्र जारी किया था जिसमें चाबहार पोर्ट के लिए शर्तीय प्रतिबंध छूट की गाइडलाइन दी गई थी, जो 26 अप्रैल 2026 तक मान्य है। हम इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ संपर्क में हैं।”

पिछले साल, अमेरिका ने भारत को चाबहार पोर्ट पर संचालन जारी रखने के लिए छह महीने की प्रतिबंध छूट दी थी, जो 29 अक्टूबर से प्रभावी थी।

2024 में भारत और ईरान ने शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास के लिए 10 साल का समझौता किया था। हालांकि, अमेरिकी विदेश सचिव ने 2018 में ईरान फ्रीडम एंड काउंटर-प्रोलिफरेशन एक्ट के तहत दी गई प्रतिबंध छूट को 29 सितंबर से रद्द कर दिया, जिससे चाबहार पोर्ट या अन्य संबंधित गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो सकते थे।

इसके बावजूद भारत अप्रैल तक बिना किसी दंडात्मक कार्रवाई के टर्मिनल का विकास और संचालन जारी रख रहा है। यह बंदरगाह भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सुनिश्चित करता है और पाकिस्तान को पार किए बिना व्यापार और कनेक्टिविटी की सुविधा देता है।

Point of View

मैं मानता हूँ कि भारत की ईरान में स्थिति पर नजर रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है और इस दिशा में उठाए गए कदम सही और आवश्यक हैं। हमें अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जटिलता को समझते हुए, अपने नागरिकों की भलाई को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।

NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत ईरान में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है?
भारत ने ईरान में रह रहे नागरिकों को यात्रा न करने और उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है।
क्या भारत ने ईरान में विरोध प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी है?
हां, भारत ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की जानकारी रखी है और स्थिति पर नजर बनाए रखा है।
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