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क्या दिल्ली सरकार 12 महीने, सातों दिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए सक्रिय है?: सीएम रेखा गुप्ता

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क्या दिल्ली सरकार 12 महीने, सातों दिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए सक्रिय है?: सीएम रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में सरकार की सक्रियता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार का सहयोग भी प्राप्त है। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदूषण में कमी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सक्रिय है।
सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है।
नई योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू की जा रही हैं।
प्रदूषण में कमी लाने के लिए ठोस उपाय किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए पूरे वर्ष काम कर रही है। इसके लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन विस्तृत योजनाएं तैयार की गई हैं और इन्हें समयबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लंबी है, इसलिए सभी विभाग पूरी रणनीति के साथ कार्य कर रहे हैं। इस प्रयास में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए ब्लू प्रिंट के अनुसार समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का मार्गदर्शन लगातार प्राप्त हो रहा है, और बजट की कोई कमी नहीं है।

दिल्ली सरकार चार वर्षों में पीएम2.5 प्रदूषण में पर्याप्त कमी लाने के लिए स्पष्ट, मापने योग्य और परिणाम-उन्मुख योजना पर काम कर रही है।

बसों का विस्तार और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: कुल 14,000 बसों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 500 बसें 7 मीटर लंबाई की होंगी, जो मेट्रो नेटवर्क के साथ लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी। वर्तमान में 100 इलेक्ट्रिक मेट्रो फीडर बसें संचालन में हैं।

ईवी पॉलिसी 2.0: दिल्ली के 58 लाख दोपहिया वाहनों को सब्सिडी और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के साथ लक्षित किया गया है। सार्वजनिक चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स को 9,000 से 36,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

62 भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक पॉइंट्स: जाम से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 62 कंजेशन पॉइंट्स की पहचान की गई है, और 30 पर सुधार कार्य शुरू हो गए हैं।

दिल्ली मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन: 395 किमी मेट्रो नेटवर्क प्रतिदिन 65-70 लाख यात्रियों को सेवा दे रहा है। फेज-4 और फेज-5 विस्तार के बाद यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। एनसीआरटीसी नेटवर्क अगले चार वर्षों में 323 किमी तक बढ़ेगा।

सड़क सुधार और बुनियादी ढांचा: 3,300 किमी सड़कों का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण, भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स और सेंट्रल वर्ज पक्कीकरण, हरियाली शामिल। इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता।

सड़क धूल प्रबंधन: मशीनीकृत सफाई और स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए धूल नियंत्रण। वर्तमान में 76 मशीनें तैनात हैं और जनवरी तक 14 और होंगी। संकरी सड़कों पर कवरेज बढ़ाने के लिए 70 और मशीनों की तैनाती।

लैंडफिल साइटों की सफाई: ओखला लैंडफिल जुलाई 2026, भलस्वा अक्टूबर 2026 और गाजीपुर दिसंबर 2027 तक सफाई का लक्ष्य। एमसीडी को 500 करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष में और भविष्य में 300 करोड़ रुपये सालाना।

औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण: अब तक 1,000 से अधिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयां सील। बड़े उद्योगों को रीयल-टाइम प्रदूषण निगरानी लगाने के निर्देश।

हरियाली: अगले चार साल में दिल्ली रिज क्षेत्र में 35 लाख नए पेड़, इसी साल 14 लाख365 एकड़ ‘ब्राउन पार्क’ क्षेत्रों का विकास।

बायोमास और निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन: निर्माण धूल रोकने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट। 15,500 इलेक्ट्रिक हीटर वितरण, सर्दियों में कचरा जलाने से रोकने के लिए।

स्मार्ट पार्किंग: निजी वाहनों के अत्यधिक उपयोग को रोकने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग और स्मार्ट प्राइसिंग व्यवस्था।

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी: एएनपीआर सिस्टम और विशेष प्रवर्तन अभियान। तकनीक और नागरिक सहभागिता दोनों जरूरी हैं।

बता दें कि दिल्ली सरकार का मानना है कि इन उपायों से प्रदूषण में सुधार होगा और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा भी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे दिल्ली की पर्यावरण स्थिति में भी सुधार होगा। केंद्र सरकार का सहयोग इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या कदम उठा रही है?
दिल्ली सरकार ने विभिन्न योजनाएं बनाई हैं जैसे कि बसों का विस्तार, ईवी पॉलिसी, और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण।
क्या केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है?
जी हां, मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग लगातार मिल रहा है।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति कैसे सुधारने की योजना है?
सरकार पीएम2.5 प्रदूषण में कमी लाने के लिए मापने योग्य योजनाओं पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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