गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन का 90% प्लेसमेंट रिकॉर्ड, हजारों युवाओं को मिली नई राह
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत प्रशिक्षित युवाओं में से लगभग 90 से 92 प्रतिशत को रोजगार मिल रहा है — यह आँकड़ा राज्य के कौशल विकास कार्यक्रम की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। 28 जुलाई 2026 को गांधीनगर से सामने आए ताज़ा विवरणों के अनुसार, आधुनिक तकनीक आधारित पाठ्यक्रमों, उद्योगों से सीधे जुड़ाव और सुव्यवस्थित प्लेसमेंट तंत्र ने मिलकर राज्य में कौशल-आधारित रोजगार की तस्वीर बदल दी है।
नए युग के पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षण
राज्य के 70 से अधिक सरकारी, ग्रांटेड और सेल्फ-फाइनेंस्ड औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 11 नए युग के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, मेकाट्रॉनिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे विषय शामिल हैं।
प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक लैब, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर की व्यवस्था की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में तकनीकी कुशलता की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और पारंपरिक रोजगार के अवसर सिकुड़ रहे हैं।
आईटीआई कुबेरनगर का प्लेसमेंट रिकॉर्ड
जिला कौशल विकास अधिकारी एन.वी. देसाई ने बताया कि आईटीआई कुबेरनगर से इस वर्ष 1,436 प्रशिक्षु पास आउट होने वाले हैं। इनमें से नौकरी के इच्छुक 1,238 विद्यार्थियों को विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट मिल चुकी है, जो संस्थान का 90 से 92 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड दर्शाता है।
शेष 198 प्रशिक्षु आगे की पढ़ाई, स्वरोजगार या अन्य लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। गौरतलब है कि यह आँकड़ा केवल एक संस्थान का है — मिशन के तहत राज्यभर के 70 से अधिक आईटीआई इसी मॉडल पर काम कर रहे हैं।
लाभार्थियों की आवाज़
गांधीनगर के लाभार्थी नीरज मिश्रा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई के माध्यम से मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड में प्रशिक्षण लिया, जहाँ उन्हें टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें चेतक कंपनी में नौकरी मिली है, जहाँ उनकी शुरुआती मासिक सैलरी ₹14,000 होगी। मिश्रा का कहना है कि कौशल प्रशिक्षण ने उनके करियर को नई दिशा दी है।
मिशन के तहत संचालित प्रमुख योजनाएँ
गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन के अंतर्गत नमो गुजरात कौशल एवं रोजगार मिशन, आईटीआई का आधुनिकीकरण, सक्षम-केवीके 2.0 और सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट जैसी योजनाएँ सक्रिय रूप से संचालित हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को भी राज्य के आईटीआई और प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार उभरते उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। 'विकसित गुजरात, विकसित भारत' के संकल्प के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनें और राज्य की औद्योगिक माँग को घरेलू प्रतिभा से पूरा किया जा सके।