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गुजरात स्टार्टअप इकोसिस्टम: 19,000+ स्टार्टअप्स, 5 साल से 'बेस्ट परफॉर्मर', मोदी सरकार के 12 साल पर बड़ी उपलब्धि

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गुजरात स्टार्टअप इकोसिस्टम: 19,000+ स्टार्टअप्स, 5 साल से 'बेस्ट परफॉर्मर', मोदी सरकार के 12 साल पर बड़ी उपलब्धि

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल और गुजरात की स्टार्टअप यात्रा — 19,000+ स्टार्टअप्स, ₹3,569 करोड़ का बाज़ार मूल्य, 4,000+ रोजगार और 5 साल की 'बेस्ट परफॉर्मर' उपाधि। SSIP से आई-हब तक, राज्य ने नीति को ज़मीनी नतीजों में बदला है।

मुख्य बातें

गुजरात में डीपीआईआईटी -मान्यता प्राप्त 19,000 से अधिक स्टार्टअप्स; लगातार 5 वर्षों से 'बेस्ट परफॉर्मर स्टेट'।
SSIP 1.0 और 2.0 के तहत 13,047+ छात्र परियोजनाओं को PoC सहायता; 4,043+ IPR दाखिल; 22.72 लाख+ छात्र जागरूक।
आई-हब (स्थापना 2019 ) ने 750+ स्टार्टअप्स को सहायता दी; 4,000+ रोजगार सृजित; बाज़ार मूल्य ₹3,569 करोड़ ।
वेंचर फंड्स के जरिए ₹446 करोड़+ का निजी निवेश; सीड सपोर्ट से 400+ स्टार्टअप्स को ₹28 करोड़ ।
'वीस्टार्ट' पहल के तहत 269 महिला-संचालित स्टार्टअप्स को सहायता — आई-हब के कुल स्टार्टअप्स का 36% ।
औद्योगिक नीति के तहत सीड सपोर्ट से 471 स्टार्टअप्स लाभान्वित; राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विस्तार।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर गुजरात का स्टार्टअप इकोसिस्टम देशभर में अग्रणी स्थान पर खड़ा है — डीपीआईआईटी (उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) से मान्यता प्राप्त 19,000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ राज्य लगातार पाँच वर्षों से 'बेस्ट परफॉर्मर स्टेट' की श्रेणी में बना हुआ है। 26 मई 2026 को सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए, और इस अवसर पर गुजरात की उद्यमशीलता यात्रा उस दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण बन कर सामने आई है जिसमें युवाओं को 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनाने की परिकल्पना की गई थी।

स्टार्टअप इंडिया से गुजरात की छलाँग

केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के समानांतर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने राज्य स्तर पर एक सुव्यवस्थित नीति-ढाँचा खड़ा किया। 2017-18 में शुरू हुई स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी (SSIP) की अभूतपूर्व सफलता के बाद 2022 में SSIP 2.0 लॉन्च किया गया, जिसमें परंपरागत उद्योगों के साथ-साथ नई पीढ़ी की तकनीक को भी समावेश दिया गया है।

आँकड़े बताते हैं कि SSIP 1.0 और SSIP 2.0 के अंतर्गत अब तक 13,047 से अधिक छात्र परियोजनाओं को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) स्तर पर सहायता मिली है। इसके अलावा 4,043 से अधिक बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) दाखिल किए गए हैं और 3,287 से अधिक स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन एवं इनक्यूबेशन सहायता दी गई है।

आर्थिक सहायता और युवाओं तक पहुँच

SSIP अनुदान प्राप्त संस्थाओं ने स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के लिए ₹36.43 करोड़ के SSIP फंड का उपयोग किया है। जागरूकता अभियानों के जरिए 22.72 लाख से अधिक छात्रों को स्टार्टअप के विषय में प्रेरित किया गया है। उल्लेखनीय है कि SSIP 2.0 पोर्टल पर स्कूली छात्रों के 1,948 से अधिक स्टार्टअप प्रस्ताव पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 1,141 को स्वीकृति दी जा चुकी है — यह संकेत देता है कि उद्यमशीलता की संस्कृति अब केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रही।

आई-हब: इनोवेशन का केंद्रीय स्तंभ

2019 में स्थापित गुजरात स्टार्टअप एंड इनोवेशन हब (आई-हब) आज राज्य के इनोवेशन इकोसिस्टम की रीढ़ बन चुका है। सिंगल विंडो सपोर्ट सिस्टम के माध्यम से यह कानूनी, वित्तीय और तकनीकी मार्गदर्शन एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है।

अब तक आई-हब के अंतर्गत 750 से अधिक स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट और वित्तीय सहायता मिली है। स्टार्टअप सृजन सीड सपोर्ट योजना के तहत 400 से अधिक स्टार्टअप्स को ₹28 करोड़ की सहायता दी गई है। इन स्टार्टअप्स ने राज्य में 4,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं और इनका संयुक्त बाज़ार मूल्य ₹3,569 करोड़ तक पहुँच गया है। विभिन्न वेंचर फंड्स के माध्यम से ₹446 करोड़ से अधिक का निजी निवेश भी इन स्टार्टअप्स में आया है।

'हब-एंड-स्पोक' मॉडल के जरिए आई-हब ने 20 से अधिक जिलों में विस्तार किया है और 4.5 लाख से अधिक युवाओं को स्टार्टअप व इनोवेशन के प्रति जागरूक किया है।

महिला उद्यमियों पर विशेष ध्यान

आई-हब की 'वीस्टार्ट' पहल महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म देती है। अब तक 269 महिला-संचालित स्टार्टअप्स को इस पहल के तहत सहायता मिली है, जो आई-हब के कुल समर्थित स्टार्टअप्स का लगभग 36% है।

इसके अतिरिक्त, गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल (GUSEC) द्वारा 'हरस्टार्ट' कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जो महिला उद्यमियों को उनके स्टार्टअप के शुरुआती चरण में संसाधनों तक आसान पहुँच सुनिश्चित करता है।

औद्योगिक नीति और आगे की राह

गुजरात औद्योगिक नीति के अंतर्गत भी स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन योजना घोषित की गई है, जिसके तहत सीड सपोर्ट से 471 स्टार्टअप्स लाभान्वित हुए हैं और अनेक स्टार्टअप्स ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना विस्तार किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात का यह मॉडल — जो सशक्त औद्योगिक परंपरा, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, सक्रिय नीतियों और युवा प्रतिभा के समन्वय पर टिका है — अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। आने वाले वर्षों में SSIP 2.0 के तहत स्कूल स्तर से उभर रहे स्टार्टअप्स की अगली पीढ़ी गुजरात के इकोसिस्टम को और गहरा करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 19,000 पंजीकृत स्टार्टअप्स में से कितने पाँच साल बाद भी चालू हैं और कितनों ने सत्यापन-योग्य रोजगार दिया है। आई-हब के 4,000 रोजगार के आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर ₹3,569 करोड़ के बाज़ार मूल्य का बड़ा हिस्सा चंद हाई-वैल्यू स्टार्टअप्स में केंद्रित हो सकता है — जो व्यापक समावेश की तस्वीर को जटिल बनाता है। 'वीस्टार्ट' का 36% हिस्सेदारी का दावा सराहनीय है, पर महिला उद्यमियों के लिए फंडिंग और स्केलिंग की बाधाएँ राष्ट्रीय स्तर पर बनी हुई हैं। नीति की सफलता तभी पूरी मानी जाएगी जब ये स्टार्टअप्स सब्सिडी से आगे बढ़कर बाज़ार में टिकें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात 'बेस्ट परफॉर्मर स्टेट' क्यों और कितने समय से है?
डीपीआईआईटी की स्टार्टअप रैंकिंग में गुजरात लगातार पाँच वर्षों से 'बेस्ट परफॉर्मर स्टेट' बना हुआ है। यह उपाधि राज्य की सहायक नीतियों, SSIP जैसे कार्यक्रमों और आई-हब जैसे संस्थागत ढाँचे की वजह से मिली है।
SSIP 2.0 क्या है और इससे छात्रों को क्या लाभ मिलता है?
SSIP 2.0 (स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी 2.0) गुजरात सरकार की वह योजना है जो 2022 में SSIP 1.0 की सफलता के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लॉन्च की गई। यह स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के छात्रों को मार्गदर्शन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और बाज़ार तक पहुँच देती है। अब तक 13,047+ छात्र परियोजनाओं को PoC सहायता और 22.72 लाख+ छात्रों को जागरूक किया जा चुका है।
आई-हब गुजरात क्या है और इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
आई-हब (गुजरात स्टार्टअप एंड इनोवेशन हब) 2019 में स्थापित राज्य का सबसे बड़ा इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप केंद्र है। अब तक 750+ स्टार्टअप्स को सहायता, 4,000+ रोजगार सृजन, ₹3,569 करोड़ का बाज़ार मूल्य और ₹446 करोड़+ का निजी निवेश इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
गुजरात में महिला स्टार्टअप उद्यमियों के लिए क्या विशेष योजनाएँ हैं?
आई-हब की 'वीस्टार्ट' पहल महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और नेटवर्किंग देती है — अब तक 269 महिला-संचालित स्टार्टअप्स लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा GUSEC का 'हरस्टार्ट' कार्यक्रम महिलाओं को स्टार्टअप के शुरुआती चरण में संसाधनों तक आसान पहुँच सुनिश्चित करता है।
मोदी सरकार के 12 वर्षों में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम कैसे बदला?
26 मई 2026 को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए। इस दौरान 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के जरिए देश में उद्यमशीलता की नई संस्कृति विकसित हुई है। गुजरात जैसे राज्यों ने केंद्रीय नीति के साथ राज्य-स्तरीय योजनाएँ जोड़कर ऐसा इकोसिस्टम बनाया जिसमें युवा 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बन रहे हैं।
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