गांधीनगर में NID इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन, CM भूपेंद्र पटेल बोले — मोदी के विजन से शैक्षणिक संस्थान बने उत्कृष्टता के केंद्र

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गांधीनगर में NID इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन, CM भूपेंद्र पटेल बोले — मोदी के विजन से शैक्षणिक संस्थान बने उत्कृष्टता के केंद्र

सारांश

गांधीनगर में NID इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन हुआ — और CM भूपेंद्र पटेल ने एक दशक में स्टार्टअप की संख्या 500 से 2 लाख पहुँचने को मोदी के विजन की जीत बताया। साथ ही उन्होंने जनगणना-2027 की डिजिटल स्व-गणना प्रक्रिया की भी शुरुआत की।

मुख्य बातें

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 17 मई 2026 को गांधीनगर में NID इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया।
देश में स्टार्टअप की संख्या एक दशक में 500 से कम से बढ़कर लगभग 2 लाख हो गई है।
गुजरात में करीब 16,000 स्टार्टअप सक्रिय; राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का पुरस्कार मिला।
मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद संसद का पहला विधेयक NID एक्ट 2014 था, जिसने NID को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया।
CM पटेल ने जनगणना-2027 की डिजिटल स्व-गणना प्रक्रिया शुरू की; नागरिकों से 31 मई तक भाग लेने का आग्रह।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार, 17 मई 2026 को गांधीनगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशिष्ट विजन की बदौलत देश के शैक्षणिक संस्थान आज उत्कृष्टता और नवाचार के केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने इस अवसर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम की जबरदस्त वृद्धि और डिजाइन को राष्ट्रीय नीति का अभिन्न अंग बताए जाने पर विशेष जोर दिया।

स्टार्टअप क्रांति: दस साल में 500 से 2 लाख तक का सफर

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम अब एक वास्तविक क्रांति का रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर लगभग 2 लाख हो गई है। गुजरात इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है — राज्य में इस समय करीब 16,000 स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिसके परिणामस्वरूप गुजरात को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है।

पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उद्यमशीलता गुजरातियों के स्वभाव में ही है।

डिजाइन — केवल विषय नहीं, राष्ट्रीय नीति का स्तंभ

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विजन में डिजाइन महज एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत जैसी राष्ट्रीय पहलों का एक अमूल्य घटक है। उन्होंने कहा, '21वीं सदी में रचनात्मकता, नवाचार और डिजाइन के बिना कोई भी राष्ट्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं सकता।'

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद संसद द्वारा पारित पहला विधेयक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एक्ट 2014 था, जिसके तहत NID को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्रदान किया गया। पटेल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।

जनगणना-2027: CM ने की स्व-गणना की शुरुआत

उद्घाटन समारोह के अतिरिक्त, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जनगणना-2027 के अनुरूप जनसंख्या गणना पोर्टल पर स्वयं और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर राज्यव्यापी 'स्व-गणना' प्रक्रिया का शुभारंभ किया। उन्होंने गुजरात के नागरिकों से आग्रह किया कि वे 31 मई तक निर्धारित 15 दिनों की अवधि में इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

उल्लेखनीय है कि जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से — एक समर्पित पोर्टल और मोबाइल-आधारित प्रणाली के ज़रिए — संपन्न की जा रही है, जो इसे देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना बनाती है।

आगे की राह

NID इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर के खुलने से गांधीनगर में युवा उद्यमियों और डिजाइनरों को एक नया मंच मिलेगा। राज्य सरकार के अनुसार, यह केंद्र स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, इन्फ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराएगा। गुजरात के स्टार्टअप इकोसिस्टम की रफ्तार को देखते हुए, यह केंद्र राज्य को देश के इनोवेशन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 स्टार्टअप का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने स्केल कर पाए और कितनी टिकाऊ नौकरियाँ पैदा हुईं — जो आँकड़े सरकारी मंचों पर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। NID एक्ट 2014 को संसद का पहला विधेयक बताना राजनीतिक प्राथमिकता का संकेत तो देता है, पर डिजाइन शिक्षा में बजट आवंटन और फैकल्टी की स्थिति पर चर्चा नदारद रही। जनगणना-2027 की डिजिटल स्व-गणना एक साहसिक कदम है, लेकिन ग्रामीण और कम साक्षर आबादी तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करना असली चुनौती होगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर में NID इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर क्या है?
यह गांधीनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में स्थापित एक नया केंद्र है, जो युवा उद्यमियों और डिजाइनरों को मेंटरशिप, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन सुविधाएँ प्रदान करेगा। इसका उद्घाटन 17 मई 2026 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया।
भारत में अभी कितने स्टार्टअप हैं और गुजरात की क्या स्थिति है?
मुख्यमंत्री पटेल के अनुसार देश में अभी लगभग 2 लाख स्टार्टअप कार्यरत हैं, जो एक दशक पहले 500 से कम थे। गुजरात में करीब 16,000 स्टार्टअप सक्रिय हैं और राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एक्ट 2014 का क्या महत्व है?
यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में संसद द्वारा पारित पहला विधेयक था। इसके ज़रिए NID को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्रदान किया गया, जिससे इसे IIT और IIM जैसी स्वायत्तता और वित्तपोषण संरचना मिली।
जनगणना-2027 की स्व-गणना प्रक्रिया क्या है और इसमें कैसे भाग लें?
जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से — एक पोर्टल और मोबाइल-आधारित प्रणाली के ज़रिए — संपन्न की जा रही है। नागरिक 31 मई तक निर्धारित 15 दिनों की अवधि में इस पोर्टल पर अपना और परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
डिजाइन को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत से कैसे जोड़ा जा रहा है?
मुख्यमंत्री पटेल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के विजन में डिजाइन केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं बल्कि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत जैसी पहलों का अभिन्न अंग है। 21वीं सदी की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए रचनात्मकता और नवाचार को नीतिगत प्राथमिकता देना ज़रूरी माना जा रहा है।
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