पंजाब SIR पर AAP सांसद मलविंदर सिंह कंग का हमला — 'बिहार-बंगाल जैसी कहानी नहीं दोहराने देंगे'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और श्रीआनंदपुर साहिब से सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाब में 25 जून 2025 से शुरू होने वाली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए अपनी आपत्तियाँ सार्वजनिक कीं।
मलविंदर सिंह कंग की मुख्य आपत्तियाँ
मलविंदर सिंह कंग ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले यह प्रक्रिया 'जल्दबाजी में थोपी' जा रही है। उन्होंने अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जबकि पश्चिम बंगाल में यह आँकड़ा और भी चौंकाने वाला रहा — वहाँ 91 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए, जो कुल मतदाता सूची का लगभग 12 प्रतिशत है।
कंग के अनुसार, यही 'मशीन' अब पंजाब को निशाना बना रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगभग एक ही समय चुनाव होने हैं, तो यूपी को पहले चरण में रखा गया जबकि पंजाब को तीसरे चरण में — जिसकी समय-सीमा अपेक्षाकृत कड़ी है। उन्होंने इसे 'चुनिंदा दबाव' करार देते हुए कहा कि यह 'हेरफेर की बू' देता है।
सर्वदलीय एकता की अपील
कंग ने आम आदमी पार्टी पंजाब, पंजाब कांग्रेस (INC), शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी (BSP) से अपील की कि पंजाब की खातिर आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों। उन्होंने कहा कि हर पोलिंग बूथ पर पार्टी एजेंट तैनात किए जाएँ, हर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर कड़ी नज़र रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वास्तविक पंजाबी मतदाता का नाम सूची से न हटे।
उन्होंने कहा — 'हमारे किसान, हमारे युवा और हमारे परिवारों की आवाज़ सुरक्षित रहनी चाहिए। हम लड़ेंगे। पंजाब जिंदाबाद!'
चुनाव आयोग का पक्ष
पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने 14 मई 2025 को स्पष्ट किया था कि राज्य में SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी और इसकी सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दोहरा मतदाता पंजीकरण भारतीय संविधान के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए एक वर्ष तक की कारावास की सज़ा का प्रावधान है। उन्होंने सभी मतदाताओं से BLO को सहयोग देने की अपील की थी।
आगे क्या होगा
SIR प्रक्रिया 25 जून 2025 से पंजाब में आधिकारिक रूप से शुरू होगी। विपक्षी दलों की आपत्तियों और कंग की सर्वदलीय एकता की अपील के बीच यह देखना होगा कि राज्य के अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर किस रुख के साथ सामने आते हैं। यह मामला 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बन सकता है।