क्या बिहार एसआईआर में मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों के लिए केवल 3 दिन बचे हैं?

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क्या बिहार एसआईआर में मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों के लिए केवल 3 दिन बचे हैं?

सारांश

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों के लिए सिर्फ 3 दिन बचे हैं। इस समय में चुनाव आयोग ने 117 दावे और आपत्तियों का संकलन किया है। जानें क्या है इस प्रक्रिया का महत्व और किस तरह से मतदाता इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य बातें

बिहार एसआईआर में दावे और आपत्तियों के लिए 3 दिन बचे हैं।
117 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
नए मतदाताओं के लिए 11,36,565 फॉर्म 6 प्राप्त हुए।
आपत्तियों का निस्तारण 7 दिन में किया जाएगा।
मतदाता सूची में शामिल होने के लिए सभी पात्र मतदाताओं को भाग लेना चाहिए।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों के लिए केवल 3 दिनभारत निर्वाचन आयोग ने बिहार एसआईआर के अंतर्गत शुक्रवार को एक दैनिक बुलेटिन जारी किया है। ईसीआई के अनुसार, नाम जोड़ने और हटाने के लिए अब तक 117 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, प्रारूप निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 (दोपहर 3 बजे) से शुरू होकर 29 अगस्त 2025 (सुबह 10 बजे) तक जारी रहेगी। आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए अब केवल 3 दिन शेष हैं।

ईसीआई ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से 9 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) से 108 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका निपटारा 7 दिन में किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए 2,11,650 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 28,796 का निस्तारण 7 दिनों के बाद किया गया।

इसके अलावा, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से 11,36,565 फॉर्म 6 (बीएलए से प्राप्त 16 प्रपत्रों सहित) प्राप्त हुए, जिनमें से 48,797 का निस्तारण किया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, दावे और आपत्तियों का निस्तारण 7 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने से पहले नहीं किया जाएगा। 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से किसी भी नाम को बिना जांच और उचित सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। जिन व्यक्तियों के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हुए, उनकी सूची (कारण सहित) जिला स्तर पर डीईओ/डीएम की वेबसाइटों और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर ईपीआईसी नंबर के साथ खोज योग्य रूप में उपलब्ध है।

निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे शेष 3 दिनों में अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा लें, ताकि मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार की मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों का उपयोग करना चाहिए और इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि हर एक वोट का महत्व हो और कोई भी मतदाता अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची में दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया कब तक चलेगी?
यह प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 से शुरू होकर 29 अगस्त 2025 तक चलेगी।
कितनी आपत्तियां अभी तक मिली हैं?
अब तक 117 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
नए मतदाताओं से कितने फॉर्म प्राप्त हुए हैं?
नए मतदाताओं से 11,36,565 फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं।
आपत्तियों का निस्तारण कब होगा?
आपत्तियों का निस्तारण 7 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद किया जाएगा।
क्या किसी भी नाम को बिना सुनवाई के हटाया जा सकता है?
नहीं, बिना उचित सुनवाई के किसी भी नाम को नहीं हटाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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