नीतीश कटारा हत्याकांड: विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से फर्लो, होली पर परिवार के साथ बिताएगा समय
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नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नीतीश कटारा की हत्या से संबंधित मामले में सजा भुगत रहे विकास यादव को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने उन्हें होली के अवसर पर अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए फर्लो की अनुमति दी है। विकास यादव को कटारा हत्याकांड में 25 वर्षों की सजा सुनाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि फर्लो की अवधि समाप्त होने के बाद विकास यादव को फिर से जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। कोर्ट के अनुसार, उन्हें 7 मार्च को शाम 5 बजे से पहले जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।
गौरतलब है कि फरवरी 2002 में नीतीश कटारा की हत्या की गई थी। यह घटना ऑनर किलिंग से जुड़ी थी। जानकारी के अनुसार, नीतीश कटारा का एक नेता डीपी यादव की बेटी के साथ प्रेम संबंध था, जिसके चलते उसका अपहरण कर लिया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। इस हत्या का आरोप नीतीश की प्रेमिका भारती के भाई विकास और विशाल पर लगा। विकास, डीपी यादव का पुत्र है। निचली अदालत ने इस हत्याकांड को ऑनर किलिंग मानते हुए 30 मई 2008 को विकास और विशाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कटारा की हत्या इसलिए की गई क्योंकि यादव परिवार को भारती के साथ उसके रिश्ते से आपत्ति थी क्योंकि वे अलग-अलग जातियों से थे।
हालांकि, बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की उम्रकैद की सजा को 25 साल की सजा में परिवर्तित कर दिया। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2016 में विकास और विशाल की 25-25 वर्ष की कैद की सजा को बरकरार रखा।