सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत के मामले में पूर्व सेंट्रल एक्साइज सुपरिटेंडेंट को चार साल की सजा दी

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सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत के मामले में पूर्व सेंट्रल एक्साइज सुपरिटेंडेंट को चार साल की सजा दी

सारांश

सिलीगुड़ी की सीबीआई कोर्ट ने पूर्व सेंट्रल एक्साइज सुपरिटेंडेंट अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को रिश्वत लेने के आरोप में चार साल की कठोर कैद और 40 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया है। यह निर्णय भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

सीबीआई कोर्ट ने पूर्व सुपरिटेंडेंट को चार साल की सजा सुनाई।
40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
यह मामला 2015 में दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा था।

सिलीगुड़ी, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सिलीगुड़ी के सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत के एक मामले में पूर्व सेंट्रल एक्साइज विभाग के सुपरिटेंडेंट अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को चार साल की कठोर कैद और साथ ही 40 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया है।

अदालत ने यह फैसला 26 फरवरी 2026 को सुनाया। उस समय आरोपी कूच बिहार डिवीजन में असिस्टेंट कमिश्नर, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स कार्यालय में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 14 सितंबर 2015 को दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी ने एक निजी फर्म के मालिक से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की और 15 सितंबर 2015 को जाल बिछाकर कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने आरोपी को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।

सीबीआई ने विस्तृत जांच के बाद 30 दिसंबर 2015 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में शुरू हुई। ट्रायल में अभियोजन पक्ष ने सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। दोषी को चार वर्ष की कठोर कैद के साथ 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे सरकारी तंत्र के लिए एक चेतावनी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा होना आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अचिंत्य कुमार प्रमाणिक को किस कारण से सजा दी गई?
उन्हें रिश्वत के मामले में चार साल की कठोर कैद और 40 हजार रुपए के जुर्माने की सजा दी गई।
इस मामले की शुरुआत कब हुई थी?
यह मामला 14 सितंबर 2015 को केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
सीबीआई ने प्रारंभिक जांच के बाद 15 सितंबर 2015 को जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।
अदालत ने इस मामले में क्या निर्णय लिया?
अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार साल की कठोर कैद और 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
इस फैसले का क्या महत्व है?
यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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