ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व सहायक को 4 साल की सजा, मामला धोखाधड़ी का
सारांश
Key Takeaways
- दविंदर सिंह अधिकारी को 4 साल की सजा सुनाई गई।
- धोखाधड़ी के मामले में 36,11,059 रुपए की हेराफेरी की गई।
- 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
- सीबीआई ने 31 मई 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया था।
- अदालत में दोष स्वीकार किया गया।
गाजियाबाद, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ धोखाधड़ी के मामले में कंपनी के पूर्व सहायक दविंदर सिंह अधिकारी को दोषी ठहराते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
सीबीआई के अनुसार, प्राथमिकी 29 जून 2018 को दर्ज की गई थी। जांच में यह पाया गया कि वर्ष 2014 से 2016 के बीच दविंदर सिंह अधिकारी, जो उस समय ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मेरठ कार्यालय में सहायक के रूप में कार्यरत थे, ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। इस साजिश के तहत उन्होंने कंपनी को धोखा देकर लगभग 36,11,059 रुपए की हेराफेरी की।
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि आरोपी ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को अपने और एक मित्र के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे कंपनी को लगभग 36.11 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ। हालांकि, सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने के बाद आरोपी ने गबन की गई पूरी राशि, 36,11,059 रुपए, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, डिविजनल ऑफिस मेरठ के खाते में जमा करा दी थी।
प्रेस नोट में आगे यह कहा गया कि मामले की विस्तृत जांच के बाद सीबीआई ने 31 मई 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 6 जनवरी 2023 को दविंदर सिंह अधिकारी के खिलाफ आरोप तय किए थे।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने गाजियाबाद की सक्षम अदालत में प्ली गिल्टी (दोष स्वीकार करने) का आवेदन दायर किया और अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने आरोपी की इस अर्जी को स्वीकार करते हुए उसे दोषी करार दिया और 12 मार्च 2026 को चार साल के कारावास एवं 35 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।