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अमित शाह ने गांधीनगर NID में इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया, बोले — 'डिजाइन विधा भी है, कला भी'

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अमित शाह ने गांधीनगर NID में इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया, बोले — 'डिजाइन विधा भी है, कला भी'

सारांश

गांधीनगर में NID के नए इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के उद्घाटन पर गृह मंत्री अमित शाह ने डिजाइन को विधा और कला — दोनों बताया। 1961 में अहमदाबाद में स्थापित इस संस्थान को उन्होंने भारत की तकनीकी और उद्यमिता यात्रा का अहम स्तंभ करार दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर स्थित NID के 'इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर' का उद्घाटन किया।
शाह ने कहा कि डिजाइन केवल एक तकनीकी विधा नहीं, बल्कि एक गहरी कला भी है।
NID की स्थापना 1961 में अहमदाबाद में हुई थी; गांधीनगर कैंपस इसका विस्तार है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गुजरात की उद्यमिता संस्कृति NID के लिए आदर्श परिवेश है।
शाह ने सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में डिजाइन की भूमिका को अनिवार्य बताया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2025 को गांधीनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) के 'इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर' का उद्घाटन किया और कहा कि डिजाइन केवल एक तकनीकी विधा नहीं, बल्कि एक गहरी कला भी है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

गांधीनगर के NID कैंपस में आयोजित उद्घाटन समारोह में शाह ने कहा कि NID रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमिता को एक साथ जोड़ने वाला संस्थान है। उन्होंने बताया कि 1961 में अहमदाबाद में NID की स्थापना के पीछे एक सुविचारित उद्देश्य था — हर व्यक्ति के भीतर मौजूद डिजाइन-संस्कार को प्रोत्साहित करना और उसे उचित मंच देना।

शाह ने कहा कि पारंपरिक दृष्टि से देखें तो डिजाइन वह विधा है जो चीज़ों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करती है, उनकी उपयोगिता को व्यवस्थित करती है और उन्हें अधिक आकर्षक बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात को सामान्यतः व्यापार और उद्यमिता के लिए जाना जाता है, किंतु NID की स्थापना यहाँ इसीलिए की गई ताकि डिजाइन की प्रतिभा रखने वाले युवाओं को सही दिशा मिल सके।

डिजाइन और भविष्य की तकनीक

शाह ने ज़ोर देकर कहा कि हर क्षेत्र में डिजाइन की भूमिका अनिवार्य है — चाहे नए इंडस्ट्रियल पार्क हों, तकनीकी परियोजनाएँ हों, या सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण जैसे अत्याधुनिक उद्योग। उनके अनुसार, हाई-टेक डिजाइन के क्षेत्र में भारत को तेज़ी से आगे बढ़ना होगा और NID को इस दिशा में प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देने का केंद्र बनना चाहिए।

पीयूष गोयल की राय

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गांधीनगर में NID का होना पूरी तरह उचित है क्योंकि गुजरात की संस्कृति में उद्यमिता की जड़ें बहुत गहरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए नवाचार और 'डिजाइन थिंकिंग' कोई नई अवधारणा नहीं है, किंतु औपनिवेशिक शासन सहित ऐतिहासिक पतन के लंबे दौर ने इस मूल सोच को कमज़ोर कर दिया था।

गोयल ने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत के युवा केवल नौकरी की तलाश में नहीं हैं, बल्कि नवाचार और 'डिजाइन थिंकिंग' के बल पर अपने स्वयं के उद्यम खड़े कर रहे हैं। उनके अनुसार, डिजाइन का मूल अर्थ है — तर्क और स्पष्टता के साथ कुछ नया सृजित करना।

NID की स्थापना और उद्देश्य

गौरतलब है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना 1961 में अहमदाबाद में की गई थी। यह संस्थान भारत में डिजाइन शिक्षा का अग्रणी केंद्र माना जाता है। गांधीनगर कैंपस में नए 'इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर' के खुलने से यहाँ के छात्रों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में व्यावहारिक अवसर मिलेंगे।

आगे की राह

शाह के संबोधन से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार डिजाइन शिक्षा को भारत की औद्योगिक और तकनीकी रणनीति का अभिन्न हिस्सा मानती है। नए इनक्यूबेशन सेंटर से NID के छात्रों को अपने नवाचारी विचारों को व्यावसायिक रूप देने का मंच मिलेगा, और यह कदम 'मेक इन इंडिया' तथा स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को और मज़बूत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

NID जैसे संस्थान दशकों से काम कर रहे हैं, फिर भी भारत का डिजाइन-निर्यात वैश्विक बाज़ार में अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं बना पाया है। असली सवाल यह है कि नया इनक्यूबेशन सेंटर केवल बुनियादी ढाँचा बनेगा या उद्योग-जगत के साथ ठोस साझेदारी भी सुनिश्चित करेगा — क्योंकि बिना उद्योग-संपर्क के इनक्यूबेटर अक्सर प्रदर्शनी-केंद्र बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर NID का इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर क्या है?
यह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के गांधीनगर कैंपस में स्थापित एक नया केंद्र है, जिसका उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इसका उद्देश्य डिजाइन-प्रतिभा से संपन्न युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में व्यावहारिक अवसर और मंच प्रदान करना है।
अमित शाह ने डिजाइन को कला क्यों कहा?
शाह ने कहा कि डिजाइन केवल तकनीकी विधा नहीं है — यह चीज़ों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने, उनकी उपयोगिता व्यवस्थित करने और उन्हें आकर्षक बनाने की कला भी है। उनके अनुसार, हर व्यक्ति में यह डिजाइन-संस्कार कम या ज़्यादा मात्रा में होता है, जिसे NID जैसे संस्थान उचित दिशा देते हैं।
NID की स्थापना कब और कहाँ हुई थी?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना 1961 में अहमदाबाद, गुजरात में हुई थी। यह भारत में डिजाइन शिक्षा का अग्रणी और सबसे पुराना संस्थान है।
पीयूष गोयल ने NID गांधीनगर को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गांधीनगर में NID का होना पूरी तरह उचित है क्योंकि गुजरात की संस्कृति में उद्यमिता की जड़ें गहरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा अब नौकरी की बजाय 'डिजाइन थिंकिंग' के बल पर अपने स्वयं के उद्यम खड़े कर रहे हैं।
इस इनक्यूबेशन सेंटर से किसे फायदा होगा?
NID गांधीनगर के छात्रों और डिजाइन क्षेत्र के युवा उद्यमियों को इस सेंटर से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। यह केंद्र उन्हें अपने नवाचारी विचारों को व्यावसायिक रूप देने, स्टार्टअप शुरू करने और उद्योग-जगत से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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