राजधानी एक्सप्रेस में आग: रतलाम के पास दो बोगियाँ जलीं, सभी यात्री सुरक्षित, उच्चस्तरीय जांच शुरू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजधानी एक्सप्रेस में आग: रतलाम के पास दो बोगियाँ जलीं, सभी यात्री सुरक्षित, उच्चस्तरीय जांच शुरू

सारांश

रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस की दो बोगियों में भीषण आग — लेकिन सुरक्षा सिस्टम ने काम किया, सभी यात्री बचे। अब सवाल यह है कि देशभर के कोचों की फायर सेफ्टी जांच क्या नई खामियाँ उजागर करेगी।

मुख्य बातें

17 मई 2026 की सुबह 5:15 बजे तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) की दो बोगियों में आग लगी।
घटना कोटा मंडल में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलो स्टेशनों के बीच हुई।
प्रभावित कोच — एक गार्ड कोच और एक एसी 3 टियर (बी-1) कोच — को ट्रेन से अलग किया गया; कोई हताहत नहीं।
रेलवे ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और देशभर में फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यापक जांच शुरू की।
नई दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर कई घंटे यातायात प्रभावित; मुंबई–जयपुर सुपरफास्ट सहित कई ट्रेनें रोकी गईं।
यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 6375898943 और 09256099269 जारी।

मध्य प्रदेश के रतलाम ज़िले में 17 मई 2026 की सुबह करीब 5:15 बजे तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) की पिछली दो बोगियों में आग लग गई। घटना कोटा मंडल के नागदा क्षेत्र में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलो स्टेशनों के बीच हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित कोचों से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया और इस हादसे में किसी के घायल होने या मृत्यु की कोई सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग और क्या हुआ

पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि आग एक गार्ड कोच और एक एसी 3 टियर कोच (बी-1) में लगी। जैसे ही आग की सूचना मिली, ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई। ट्रेन में लगे स्वचालित सुरक्षा सिस्टम ने काम किया और ट्रेन अपने आप रुक गई, जिसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित दोनों बोगियों को ट्रेन से अलग कर दिया।

श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे कर्मचारी और अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और आग बुझाने का काम शुरू किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद प्रभावित यात्रियों के लिए मौके पर ही खाने-पीने की व्यवस्था की गई। आगे की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कोटा स्टेशन पर ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच जोड़ा गया।

उच्चस्तरीय जांच के आदेश

इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही रेलवे ने देशभर में सभी कोचों और रेलवे से जुड़े फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यापक जांच शुरू कर दी है, ताकि सुरक्षा तैयारियों का आकलन हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणालियों पर पहले से ही सार्वजनिक नज़र बनी हुई है।

रेल यातायात पर असर

इस हादसे का असर नई दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर भी पड़ा। वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार, मुंबई–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे कर्मचारी ट्रैक साफ करने और यातायात बहाल करने में लगे रहे, और कई घंटों तक इस महत्वपूर्ण रूट पर रेल सेवाएँ प्रभावित रहीं।

गौरतलब है कि 12431 राजधानी एक्सप्रेस शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम से रवाना हुई थी और रविवार दोपहर 12:30 बजे नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुँचनी थी।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 6375898943 और 09256099269 जारी किए हैं। सीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर रेलवे की फायर सेफ्टी नीति में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही विरोधाभास असली सवाल उठाता है। यदि सिस्टम काम करता है तो आग लगी क्यों? देशभर के कोचों की फायर सेफ्टी जांच का आदेश स्वागतयोग्य है, लेकिन ऐसी जांचें अक्सर रिपोर्ट तक सिमट जाती हैं — बदलाव तक नहीं पहुँचतीं। भारतीय रेलवे के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार जांच के नतीजे सार्वजनिक होंगे और फायर सेफ्टी मानकों को लागू करने की समयसीमा तय होगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजधानी एक्सप्रेस में आग कहाँ और कब लगी?
17 मई 2026 की सुबह करीब 5:15 बजे तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) में आग लगी। यह घटना मध्य प्रदेश के कोटा मंडल के नागदा क्षेत्र में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलो स्टेशनों के बीच हुई।
क्या राजधानी एक्सप्रेस आग में कोई यात्री घायल हुआ?
नहीं। पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार, प्रभावित कोचों से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। इस हादसे में किसी के घायल होने या मृत्यु की कोई सूचना नहीं है।
राजधानी एक्सप्रेस की किन बोगियों में आग लगी?
आग एक गार्ड कोच और एक एसी 3 टियर कोच (बी-1) में लगी। दोनों प्रभावित बोगियों को ट्रेन से अलग कर दिया गया और कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ा गया।
इस हादसे के बाद रेलवे ने क्या कदम उठाए?
रेलवे प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और देशभर के कोचों व फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यापक जांच शुरू की है। यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 6375898943 और 09256099269 जारी किए गए हैं।
क्या इस आग से अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुईं?
हाँ। इस हादसे के कारण नई दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर कई घंटे यातायात बाधित रहा। मुंबई–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले