राजधानी एक्सप्रेस में आग: RPF और रेल कर्मचारियों ने 15 मिनट में बचाए 68 यात्री, रतलाम के पास हुई घटना

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राजधानी एक्सप्रेस में आग: RPF और रेल कर्मचारियों ने 15 मिनट में बचाए 68 यात्री, रतलाम के पास हुई घटना

सारांश

रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में भड़की आग बड़े हादसे में बदल सकती थी — लेकिन गार्ड की सतर्कता, लोको पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया और RPF की 15 मिनट की निकासी ने 68 जिंदगियाँ बचा लीं। शॉर्ट सर्किट संदिग्ध कारण, जाँच जारी।

मुख्य बातें

17 मई 2026 को सुबह 5:30 बजे दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 थर्ड एसी कोच में आग लगी।
RPF जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने 15 मिनट में सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच, रतलाम से लगभग 110 किलोमीटर दूर हुई।
थर्ड एसी और एसएलआर कोच दोनों आग की चपेट में आए; क्षतिग्रस्त कोचों को ट्रेन से अलग किया गया।
कोई यात्री या कर्मचारी हताहत नहीं; प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट संदिग्ध, विस्तृत जाँच के आदेश।
नई दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर कई ट्रेनें प्रभावित; कोटा स्टेशन पर अतिरिक्त कोच की व्यवस्था।

रतलाम-कोटा रेलखंड पर 17 मई 2026 को तड़के सुबह 5:30 बजे दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 थर्ड एसी कोच में भीषण आग लग गई। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने महज 15 मिनट के भीतर कोच में सवार सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार इस घटना में कोई भी यात्री या कर्मचारी हताहत नहीं हुआ।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुई — जो रतलाम से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले बी-1 थर्ड एसी बोगी के नीचे के हिस्से से घने धुएं के रूप में दिखाई दी, जो आगे की ओर स्थित एसएलआर लगेज ब्रेक वैन के निकट थी।

कुछ ही क्षणों में आग तेज़ी से फैल गई और उसने थर्ड एसी कोच तथा उससे सटे एसएलआर कोच — दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊँची लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं।

गार्ड और लोको पायलट की सूझबूझ

एक बड़ा हादसा टलने का श्रेय ट्रेन के गार्ड की तत्परता को जाता है। गार्ड ने आग देखते ही तुरंत लोको पायलट को सूचित किया, जिसके बाद तेज़ रफ़्तार से चल रही ट्रेन को फौरन रोक दिया गया। इसके बाद RPF जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने आपातकालीन निकासी शुरू की और 15 मिनट के भीतर सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यात्रियों को अस्थायी रूप से अन्य कोचों में स्थानांतरित किया गया।

राहत एवं बचाव कार्य

दमकल विभाग की टीमें और वरिष्ठ रेलवे अधिकारी — जिनमें रतलाम मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल थे — मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। सुरक्षा के मद्देनज़र ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी गई और क्षतिग्रस्त दोनों कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए यात्रियों की आगे की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ने की व्यवस्था की जा रही थी।

रेल परिचालन पर असर

इस घटना से नई दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। बाद में ट्रैक साफ होने पर परिचालन बहाल किया गया।

जाँच के आदेश

प्रारंभिक रिपोर्टों में आग का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालाँकि वरिष्ठ अधिकारियों ने आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं और यात्री-सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग बढ़ती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना एक बार फिर प्रीमियम ट्रेनों में विद्युत सुरक्षा की खामियों की ओर इशारा करती है। शॉर्ट सर्किट को संदिग्ध कारण बताया जा रहा है — यह कोई नई बात नहीं है; पिछले कुछ वर्षों में रेलवे कोचों में कई बार इसी कारण आग लगने की घटनाएँ सामने आई हैं। असली सवाल यह है कि क्या जाँच के बाद ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएँगे, या यह भी महज एक रिपोर्ट बनकर फाइलों में दब जाएगी। गार्ड और RPF की तत्परता की सराहना होनी चाहिए, पर व्यवस्था को ऐसे हालात ही न बनने देने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजधानी एक्सप्रेस में आग कब और कहाँ लगी?
यह घटना 17 मई 2026 को सुबह 5:30 बजे पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुई, जो रतलाम से लगभग 110 किलोमीटर दूर है।
राजधानी एक्सप्रेस की आग में कितने यात्री थे और क्या सभी सुरक्षित हैं?
बी-1 थर्ड एसी कोच में कुल 68 यात्री सवार थे। RPF जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने 15 मिनट के भीतर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने का कारण क्या था?
प्रारंभिक रिपोर्टों में आग का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालाँकि वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं।
इस घटना से रेल परिचालन कितना प्रभावित हुआ?
नई दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। ट्रैक साफ होने के बाद परिचालन बहाल किया गया।
बचाए गए यात्रियों की आगे की यात्रा का क्या इंतज़ाम किया गया?
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए यात्रियों की यात्रा जारी रखने के लिए कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ने की व्यवस्था की जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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