राजद के 15 साल के शासन में बिहार तबाह था, अब कानून का राज: मंत्री रामकृपाल यादव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 17 मई 2026 को पटना में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय थी, जबकि वर्तमान सरकार के अंतर्गत राज्य में सुशासन और अमन-चैन स्थापित हो चुका है। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और जीविका दीदियों के खाली गैस सिलेंडरों का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, 'राजद के राज में महिलाओं का अपहरण, लूट और अपराध आम बात थी। हालात ऐसे थे कि लोग अपने परिवार की महिलाओं को बाहर भेजने से डरते थे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आज बिहार में कानून का पूरी तरह राज है और सरकार सुशासन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
अपराधियों पर सख्ती का संकल्प
रामकृपाल यादव ने कहा कि कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से नहीं बच सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपराधियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि बिहार में हाल के महीनों में पुलिस द्वारा कई बड़े अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है।
नीट पेपर लीक पर कड़ा रुख
नीट पेपर लीक मामले पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन लोगों ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें कानून की अनुमति के अनुसार अधिकतम दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'लाखों बच्चे महीनों मेहनत करते हैं और जब पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाता है।' उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरे और निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर विपक्ष की आलोचना को नकारते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का हर दौरा देशहित में होता है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की विकास की धुरी बन रहा है और कई देशों के साथ महत्वपूर्ण निवेश समझौते होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भ्रष्टाचार पर शून्य-सहिष्णुता का समर्थन
पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध दिए गए निर्देशों का समर्थन करते हुए मंत्री ने कहा कि रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सीधे जेल भेजा जाना चाहिए। उनका यह बयान भ्रष्टाचार के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था और सुशासन की नीतियों की परीक्षा जनता के बीच होगी।