शीर्ष 10 कंपनियों का मार्केटकैप ₹3.12 लाख करोड़ घटा, सेंसेक्स 2,090 अंक टूटा

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शीर्ष 10 कंपनियों का मार्केटकैप ₹3.12 लाख करोड़ घटा, सेंसेक्स 2,090 अंक टूटा

सारांश

11 से 15 मई के कारोबारी सप्ताह में भारत की शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप ₹3.12 लाख करोड़ घट गया। सेंसेक्स 2,090 अंक और निफ्टी 532 अंक टूटे। SBI को सबसे बड़ा नुकसान, जबकि भारती एयरटेल अकेली बढ़त में रही।

मुख्य बातें

शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का मार्केटकैप 11–15 मई के सप्ताह में ₹3.12 लाख करोड़ घटा।
BSE सेंसेक्स 2,090 अंक (2.70%) गिरकर 75,237 पर और निफ्टी 50 532 अंक (2.20%) गिरकर 23,643 पर बंद हुआ।
SBI को सर्वाधिक ₹52,245.3 करोड़ का नुकसान; TCS को ₹47,415.04 करोड़ की गिरावट।
भारती एयरटेल एकमात्र लाभ में रही — मार्केटकैप ₹42,470.13 करोड़ बढ़कर ₹11,60,525.16 करोड़ हुआ।
18–22 मई के सत्र में इंडियन ऑयल, ओला इलेक्ट्रिक, LIC, ITC और Nykaa समेत प्रमुख कंपनियाँ नतीजे जारी करेंगी।

भारतीय शेयर बाजार में 11 से 15 मई के कारोबारी सप्ताह के दौरान शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹3.12 लाख करोड़ घट गया। घरेलू बाजारों में तीव्र बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता के कारण डॉलर के मुकाबले रुपए पर बना दबाव इस गिरावट की मुख्य वजह रहा। बीएसई सेंसेक्स इस दौरान 2,090 अंक यानी 2.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,237 पर और निफ्टी 50 532 अंक यानी 2.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,643 पर बंद हुआ।

मुख्य घटनाक्रम: किसका कितना नुकसान

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को सबसे बड़ा झटका लगा — उसका मार्केटकैप ₹52,245.3 करोड़ घटकर ₹8,88,862.32 करोड़ रह गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार पूंजीकरण ₹47,415.04 करोड़ घटकर ₹8,19,062.65 करोड़ हो गया।

बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन ₹27,892.28 करोड़ घटकर ₹5,66,717.74 करोड़ पर आ गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन ₹20,630.01 करोड़ की गिरावट के साथ ₹11,82,069.25 करोड़ रहा, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप ₹14,290 करोड़ घटकर ₹8,92,385.39 करोड़ पर पहुँचा।

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मूल्यांकन ₹9,078.87 करोड़ घटकर ₹5,37,542.34 करोड़ रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण ₹3,970.8 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,33,592.18 करोड़ और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मूल्यांकन ₹2,182.12 करोड़ घटकर ₹5,05,367.32 करोड़ पर आ गया।

एकमात्र बढ़त: भारती एयरटेल

गिरावट के इस माहौल में भारती एयरटेल अकेली ऐसी कंपनी रही जिसका मार्केटकैप बढ़ा। उसका बाजार पूंजीकरण ₹42,470.13 करोड़ की बढ़त के साथ ₹11,60,525.16 करोड़ पर पहुँच गया। यह बढ़त टेलीकॉम क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

साप्ताहिक रैंकिंग: शीर्ष कंपनियों की स्थिति

साप्ताहिक गिरावट के बावजूद एचडीएफसी बैंक देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बना रहा। उसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, हिंदुस्तान यूनिलीवर और LIC का स्थान रहा।

अगले सप्ताह के लिए बाजार की नज़र

18 से 22 मई के कारोबारी सत्र में इंडियन ऑयल, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, JSW सीमेंट, BEL, BPCL, LensKart Solutions, LIC, ITC और Nykaa समेत कई प्रमुख कंपनियाँ अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की चाल और घरेलू आर्थिक आँकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आमतौर पर अलग-अलग चक्रों में चलते हैं। भारती एयरटेल की अकेली बढ़त यह संकेत देती है कि निवेशक घरेलू खपत-आधारित क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। अगले सप्ताह के नतीजे बताएँगे कि यह गिरावट अल्पकालिक सुधार है या किसी गहरे दबाव की शुरुआत।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11–15 मई के सप्ताह में शीर्ष कंपनियों का मार्केटकैप कितना घटा?
इस सप्ताह शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹3.12 लाख करोड़ घट गया। घरेलू बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता इसकी प्रमुख वजह रही।
इस गिरावट में सबसे ज़्यादा नुकसान किस कंपनी को हुआ?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ — उसका मार्केटकैप ₹52,245.3 करोड़ घटकर ₹8,88,862.32 करोड़ रह गया। TCS दूसरे स्थान पर रहा जिसका मार्केटकैप ₹47,415.04 करोड़ घटा।
क्या कोई कंपनी इस सप्ताह बढ़त में रही?
हाँ, भारती एयरटेल एकमात्र कंपनी रही जिसका मार्केटकैप बढ़ा। उसका बाजार पूंजीकरण ₹42,470.13 करोड़ बढ़कर ₹11,60,525.16 करोड़ हो गया।
सेंसेक्स और निफ्टी इस सप्ताह कितना टूटे?
BSE सेंसेक्स 2,090 अंक यानी 2.70% की गिरावट के साथ 75,237 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 532 अंक यानी 2.20% की कमज़ोरी आई और यह 23,643 पर रहा।
अगले सप्ताह बाजार पर किन कारकों का असर रहेगा?
18–22 मई के सत्र में ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और FII की गतिविधियाँ बाजार की दिशा तय करेंगी। इसके अलावा इंडियन ऑयल, LIC, ITC, Nykaa और ओला इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार को प्रभावित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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