जयशंकर ने नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन को दी 212वें संविधान दिवस की शुभकामनाएं, मोदी की ऐतिहासिक यात्रा से पहले

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जयशंकर ने नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन को दी 212वें संविधान दिवस की शुभकामनाएं, मोदी की ऐतिहासिक यात्रा से पहले

सारांश

43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे की धरती पर कदम रखेगा — और जयशंकर की संविधान दिवस बधाई इस ऐतिहासिक यात्रा की कूटनीतिक भूमिका है। 19 मई का भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और TEPA क्रियान्वयन इस दौरे के असली दांव हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 17 मई 2025 को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ई दे को 212वें संविधान दिवस की शुभकामनाएं एक्स पर दीं।
PM मोदी 18 मई को ओस्लो पहुँचेंगे — यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है।
19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें पाँच नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्री शामिल होंगे।
भारत-नॉर्डिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है।
मोदी नॉर्वे के राजा किंग हैरल्ड पंचम और रानी सोन्या से भी मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 17 मई 2025 को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ई दे को देश के 212वें संविधान दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह बधाई ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पाँच देशों की यूरोप यात्रा के तहत 18 मई को ओस्लो पहुँचने वाले हैं।

एक्स पर दी शुभकामनाएं

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा — 'एस्पेन बार्थ ई दे, नॉर्वे की सरकार और वहाँ के लोगों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हम अपने बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं।' यह संदेश दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक सहयोग का स्पष्ट संकेत है।

मोदी की ऐतिहासिक नॉर्वे यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की यह नॉर्वे की पहली यात्रा होगी — और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली आधिकारिक यात्रा भी। वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे के निमंत्रण पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए पहुँचेंगे। इस दौरान वे नॉर्वे के राजा किंग हैरल्ड पंचम और रानी सोन्या से भी मुलाकात करेंगे।

भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और व्यापार एजेंडा

19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री भाग लेंगे। मोदी और स्टोरे संयुक्त रूप से भारत-नॉर्वे व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसका मुख्य फोकस व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश और भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना होगा।

भारत-नॉर्डिक व्यापार का आकार

नॉर्डिक देश — नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन — भारत के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटलीकरण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार हैं। आँकड़ों के अनुसार, भारत और नॉर्डिक देशों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है, जिसमें भारत का निर्यात और आयात दोनों लगभग 9.5 अरब डॉलर के आसपास हैं।

आगे क्या

मोदी की इस यात्रा से भारत-नॉर्डिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। TEPA के क्रियान्वयन पर ठोस प्रगति और नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग के नए समझौते इस यात्रा के संभावित परिणामों में शामिल हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन TEPA जैसे समझौतों का क्रियान्वयन धीमा रहा है। असली सवाल यह है कि क्या यह शिखर सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी में ठोस प्रतिबद्धताएं लाएगा, या यह भी घोषणाओं तक सीमित रहेगा। नॉर्डिक देशों की हरित अर्थव्यवस्था विशेषज्ञता और भारत की ऊर्जा परिवर्तन की जरूरत — दोनों के बीच तालमेल की संभावना वास्तविक है, बशर्ते राजनीतिक इच्छाशक्ति नीतिगत ढाँचे में तब्दील हो।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस. जयशंकर ने नॉर्वे को किस अवसर पर शुभकामनाएं दीं?
जयशंकर ने नॉर्वे के 212वें संविधान दिवस (17 मई 2025) पर एक्स के जरिए विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ई दे और नॉर्वे की सरकार व जनता को बधाई दी। उन्होंने दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने की उत्सुकता भी जताई।
PM मोदी की नॉर्वे यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है। मोदी 18 मई 2025 को ओस्लो पहुँचेंगे और नॉर्वे के PM स्टोरे के निमंत्रण पर द्विपक्षीय वार्ता तथा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई 2025 को ओस्लो, नॉर्वे में आयोजित होगा। इसमें PM मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री भाग लेंगे।
भारत-नॉर्डिक व्यापार का कुल आकार कितना है?
आँकड़ों के अनुसार, भारत और नॉर्डिक देशों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। इसमें भारत का निर्यात और आयात दोनों लगभग 9.5 अरब डॉलर के आसपास हैं।
TEPA क्या है और इसका इस यात्रा से क्या संबंध है?
TEPA यानी भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (Trade and Economic Partnership Agreement) भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच एक व्यापार करार है। मोदी और PM स्टोरे की वार्ता में इसके क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना प्रमुख एजेंडा है।
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