बलूचिस्तान-KP में बिगड़ती सुरक्षा पर HRCP ने उठाए सवाल, ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों के अपहरण पर चिंता

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बलूचिस्तान-KP में बिगड़ती सुरक्षा पर HRCP ने उठाए सवाल, ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों के अपहरण पर चिंता

सारांश

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने बलूचिस्तान और KP में बिगड़ती सुरक्षा पर सरकार को घेरा — ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों का अपहरण, कवि गमख्वार हयात की हत्या और बन्नू-बजौर में घातक हमले। आयोग ने निंदा से आगे ठोस कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

HRCP ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में जबरन गुमशुदगी, टार्गेट किलिंग और उग्रवादी हमलों पर गहरी चिंता जताई।
ग्वादर विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर, प्रो-वाइस-चांसलर और दो कर्मचारियों का मस्तुंग में कथित अपहरण हुआ।
कवि और शिक्षक गमख्वार हयात की नुशकी ज़िले में गोली मारकर हत्या की गई।
बन्नू , बजौर , लक्की मरवत और सराय नौरंग में हालिया हमलों में आम नागरिकों व सुरक्षाकर्मियों की जान गई।
HRCP ने अपहृत अधिकारियों की सुरक्षित बरामदगी, निष्पक्ष जाँच और दोषियों की जवाबदेही की माँग की।

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KP) में तेज़ी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों में आम नागरिक जबरन गुमशुदगी, टार्गेट किलिंग और उग्रवादी हमलों के बीच पिसते जा रहे हैं, जबकि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था लगातार विफल होती दिख रही है।

ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों का अपहरण

HRCP ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि ग्वादर विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर, प्रो-वाइस-चांसलर और दो अन्य कर्मचारियों का ग्वादर से क्वेटा जाते समय मस्तुंग में कथित अपहरण राज्य की सुरक्षा क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आयोग ने पूछा कि सरकार प्रमुख राजमार्गों पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में क्यों विफल हो रही है।

आयोग ने अपहृत विश्वविद्यालय अधिकारियों की सुरक्षित बरामदगी, सभी हमलों की निष्पक्ष जाँच और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की माँग की है।

कवि गमख्वार हयात की हत्या पर चिंता

HRCP ने प्रसिद्ध कवि और शिक्षक गमख्वार हयात की नुशकी में हत्या पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। आयोग ने कहा कि जब शिक्षकों और बुद्धिजीवियों का अपहरण या हत्या होती है, तो इसका असर केवल व्यक्तिगत त्रासदी तक सीमित नहीं रहता — इसकी छाया पूरे समाज और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ती है।

इस बीच, बलोच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' ने दावा किया कि गमख्वार हयात की नुशकी ज़िले के किली मेंगल इलाके में कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड से जुड़े लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। संगठन की प्रतिनिधि नसीम बलोच ने आरोप लगाया कि यह हत्या कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि बलूचिस्तान में जारी सामूहिक दमन का हिस्सा है और बुद्धिजीवियों को निशाना बनाकर बलूच समाज की सांस्कृतिक नींव को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है।

KP में उग्रवादी हिंसा का बढ़ता खतरा

HRCP के बयान में कहा गया कि बन्नू, बजौर और लक्की मरवत में हाल के घातक हमले उग्रवादी हिंसा के बढ़ते खतरे को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। सराय नौरंग के भीड़भाड़ वाले बाज़ार में हुए बम विस्फोट सहित इन हमलों में आम नागरिकों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों की जान गई।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है, और दोनों प्रांतों में सुरक्षा का बिगड़ता ताना-बाना नागरिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

HRCP की माँगें

आयोग ने पाकिस्तान सरकार से केवल निंदा-वक्तव्यों तक सीमित न रहने की अपील की। HRCP ने ठोस कदमों की माँग करते हुए कहा कि नागरिकों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आयोग ने सभी हमलों की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।

आगे क्या

मानवाधिकार संगठनों की इस चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। अपहृत विश्वविद्यालय अधिकारियों की बरामदगी और क्षेत्र में सुरक्षा बहाली को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हालात नहीं बदले। ग्वादर विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों का प्रमुख राजमार्ग पर अपहरण यह दर्शाता है कि राज्य की सुरक्षा पकड़ केवल संवेदनशील इलाकों तक नहीं, बल्कि मुख्य मार्गों पर भी कमज़ोर हो चुकी है। बुद्धिजीवियों और शिक्षकों को निशाना बनाना एक सुनियोजित रणनीति की ओर इशारा करता है, जिसे केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं रोका जा सकता। जब तक जवाबदेही का ठोस तंत्र नहीं बनता, सरकारी निंदा-वक्तव्य महज औपचारिकता बने रहेंगे।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

HRCP ने बलूचिस्तान और KP में किन मुद्दों पर चिंता जताई है?
HRCP ने जबरन गुमशुदगी, टार्गेट किलिंग और उग्रवादी हमलों पर चिंता जताई है। आयोग ने ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों के कथित अपहरण और बन्नू, बजौर, लक्की मरवत में हुए घातक हमलों को विशेष रूप से रेखांकित किया।
ग्वादर विश्वविद्यालय अधिकारियों का अपहरण कहाँ और कैसे हुआ?
ग्वादर विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर, प्रो-वाइस-चांसलर और दो अन्य कर्मचारियों का ग्वादर से क्वेटा जाते समय मस्तुंग में कथित तौर पर अपहरण हुआ। HRCP ने इस घटना को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया।
गमख्वार हयात कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
गमख्वार हयात बलूचिस्तान के प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार और शिक्षक थे। बलोच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' के अनुसार, उनकी नुशकी ज़िले के किली मेंगल इलाके में कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड से जुड़े लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
KP में हाल के उग्रवादी हमलों में क्या हुआ?
बन्नू, बजौर और लक्की मरवत में हाल के हमलों में आम नागरिकों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के जवान मारे गए। सराय नौरंग के भीड़भाड़ वाले बाज़ार में हुए बम विस्फोट ने भी जानें लीं।
HRCP ने पाकिस्तान सरकार से क्या माँगें की हैं?
HRCP ने सरकार से केवल निंदा-वक्तव्यों तक सीमित न रहने की अपील की है। आयोग ने अपहृत विश्वविद्यालय अधिकारियों की सुरक्षित बरामदगी, सभी हमलों की निष्पक्ष जाँच और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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