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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों पर नागरिकों के जबरन गायब होने का गंभीर आरोप

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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों पर नागरिकों के जबरन गायब होने का गंभीर आरोप

सारांश

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर पांच नागरिकों के जबरन गायब होने का आरोप लगाया गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान में नागरिकों का जबरन गायब होना एक गंभीर समस्या है।
मानवाधिकार संगठनों ने गुमशुदगी की घटनाओं में वृद्धि की सूचना दी है।
सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी इस स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षित बलोच युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

क्वेटा, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कम से कम पांच नागरिकों को जबर्दस्ती गायब करने का आरोप लगाया गया है। मानवाधिकार संगठनों ने मंगलवार को कहा कि इस प्रांत में जबर्दस्ती गुमशुदगी और कथित न्यायेतर हत्याओं की घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' के अनुसार, ३३ वर्षीय मजदूर गुलाम सरवर को २१ फरवरी को हब जिले के अब्दुल्ला बिजेंजो गोठ इलाके से पाकिस्तानी सेना और सैन्य खुफिया एजेंसियों द्वारा उठाया गया। इसी प्रकार, २४ वर्षीय छात्र आमिर बलोच को १९ फरवरी को चागी जिले के किली कासुम खान क्षेत्र से हिरासत में लेकर कथित तौर पर गायब कर दिया गया।

संगठन ने बताया कि अवारान जिले के कुहादो जाहू क्षेत्र में १८ फरवरी को एक घर पर छापेमारी के दौरान दो भाइयों- सादुल्लाह और लाल जान को भी सेना ने उठाया।

एक अन्य मानवाधिकार संगठन 'बलोच वॉइस फॉर जस्टिस' (बीवीजे) ने कहा कि कराची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मॉडर्न लैंग्वेजेज के गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी विभाग के स्नातक दानियाल नासिर को १६ फरवरी को जबरन गायब कर दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शिक्षित बलोच युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

बीवीजे ने कहा कि जबर्दस्ती गुमशुदगी कानून और मानव गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। परिवारों को जवाब मिलना चाहिए और संबंधित व्यक्ति की तत्काल रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस बीच, स्थानीय मीडिया के अनुसार, फुल आबाद इलाके के पास एक वाहन पर पाकिस्तानी बलों की गोलीबारी में दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि वाहन में सवार कुछ अफगान नागरिक ईरान जाने की कोशिश कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।

घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि बलूचिस्तान में जबर्दस्ती गुमशुदगी, अवैध हिरासत और कथित न्यायेतर हत्याओं की घटनाएं लगातार जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। बलूचिस्तान में नागरिकों का जबरन गायब होना न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी चिंता का विषय है। सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि मानवाधिकारों की सुरक्षा हो सके।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में क्या हो रहा है?
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर नागरिकों के जबरन गायब होने का आरोप लगाया गया है।
कितने नागरिक गायब हुए हैं?
कम से कम पांच नागरिकों के गायब होने की जानकारी है।
मानवाधिकार संगठनों ने क्या कहा है?
मानवाधिकार संगठनों ने गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं की घटनाओं में वृद्धि की बात की है।
क्या सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई की है?
अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
क्या इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान है?
हां, यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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