पाकिस्तान में रातभर की छापेमारी: तीन बलोच युवकों के गायब होने की चिंता

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पाकिस्तान में रातभर की छापेमारी: तीन बलोच युवकों के गायब होने की चिंता

सारांश

पाकिस्तान में तीन बलोच युवकों के जबरन गायब होने की घटना ने मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंता को बढ़ा दिया है। जानिए इस मामले में क्या हो रहा है।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान में बलोच युवकों का जबरन गायब होना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
  • परिवारों ने उनकी रिहाई की मांग की है।
  • विरोध प्रदर्शन 6136 दिन से जारी है।
  • संयुक्त राष्ट्र से स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
  • बलोचिस्तान में फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं बढ़ रही हैं।

क्वेटा, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में रातभर की छापेमारी के दौरान तीन बलोच युवकों के जबरन गायब होने की घटना ने एक बार फिर ‘एनफोर्स्ड डिसअपियरेंस’ की समस्या को गंभीर बना दिया है।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, जुबैर बलोच नामक एक छात्र को बुधवार तड़के डेरा गाजी खान क्षेत्र में उसके निवास से उठाया गया। द बलोचिस्तान पोस्ट के अनुसार, उसे एक अनजान स्थान पर ले जाया गया है।

बलोच स्टूडेंट काउंसिल, पंजाब ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि जुबैर बलोच, गुलाम फरीद के बेटे हैं, जो बहावलपुर बलोच स्टूडेंट्स काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह इस्लामिया यूनिवर्सिटी बहावलपुर से एमफिल ग्रेजुएट हैं। परिवार ने बताया कि उन्हें रात लगभग 1:30 बजे घर से ले जाया गया और तब से उनका कोई पता नहीं है।

परिवार ने उनकी तुरंत रिहाई या उनके ठिकाने की जानकारी देने की गुहार लगाई है और अधिकारियों एवं मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की है।

एक अन्य घटना में, ग्वादर जिले के जीवानि क्षेत्र में भी रात में छापेमारी कर दो युवकों को उनके घरों से उठाया गया। इनकी पहचान कोसर बाजार निवासी रियाज सैयद और सोलान बाजार निवासी जहांजेब के रूप में हुई है। दोनों को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है, और परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है।

यह घटनाएं उस समय सामने आई हैं, जब बलोचिस्तान में जबरन गायब होने और कथित फर्जी मुठभेड़ों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

इस बीच, बलोचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में जबरन गायब लोगों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन का कैंप गुरुवार को 6136वें दिन में प्रवेश कर गया। वॉइस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स द्वारा क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर आयोजित यह धरना विभिन्न वर्गों के लोगों को पीड़ित परिवारों के समर्थन में एकजुट कर रहा है।

इस संगठन ने मांग की है कि सभी लापता लोगों को तुरंत बरामद किया जाए और जबरन गायब होने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

इससे पहले, बलोच यकजहती कमेटी की वरिष्ठ नेता सबीहा बलोच ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में बलोचिस्तान में मानवाधिकार स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने इस मुद्दे की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि बलोचिस्तान में लोग संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो रहे हैं, और फर्जी मुठभेड़ों एवं क्षत-विक्षत शवों के मिलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो एक सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा प्रतीत होती हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकारों, छात्रों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अपने विचार व्यक्त करने पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत परेशान किया जाता है और गिरफ्तार किया जाता है।

Point of View

जहां जबरन गायब किए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह विषय न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

जुबैर बलोच कौन हैं?
जुबैर बलोच एक छात्र हैं, जिन्हें डेरा गाजी खान से उठाया गया है।
कौन से क्षेत्र में छापेमारी हुई?
यह छापेमारी पाकिस्तान के डेरा गाजी खान और ग्वादर में हुई।
परिवार ने क्या माँग की है?
परिवार ने उनकी तुरंत रिहाई या उनके ठिकाने की जानकारी की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन कब शुरू हुआ?
विरोध प्रदर्शन 6136वें दिन में प्रवेश कर गया है।
सबीहा बलोच ने क्या कहा?
सबीहा बलोच ने बलोचिस्तान में मानवाधिकार स्थिति पर चिंता व्यक्त की और स्वतंत्र जांच की मांग की।
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