18 जुलाई 2026
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बलूचिस्तान में दो बलूच युवक जबरन गायब, मानवाधिकार संगठन बीवीजे ने पाकिस्तान सरकार से माँगा जवाब

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बलूचिस्तान में दो बलूच युवक जबरन गायब, मानवाधिकार संगठन बीवीजे ने पाकिस्तान सरकार से माँगा जवाब

सारांश

बलूचिस्तान में एक सप्ताह के भीतर कई बलूच युवाओं के कथित रूप से जबरन गायब होने के मामले सामने आए हैं। बीएसएफ नेता फजल बलूच और अज़रबैजान से लौटे छात्र शहाब बलूच के परिजन उनकी स्थिति से अनजान हैं। मानवाधिकार संगठन इसे शिक्षित बलूच युवाओं के खिलाफ बढ़ते दमन का हिस्सा बता रहे हैं।

मुख्य बातें

बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने 18 जुलाई 2026 को बलूचिस्तान में दो बलूच युवकों के जबरन गायब होने का आरोप लगाया।
बलूच स्टूडेंट फ्रंट (बीएसएफ) के केंद्रीय नेता फजल बलूच को हब चौकी क्षेत्र स्थित उनके घर से कथित तौर पर सुरक्षाकर्मी उठा ले गए।
अज़रबैजान से छुट्टियों में लौटे छात्र शहाब बलूच को भी कथित रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गायब कर दिया।
बलूच वुमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) की आयोजक शाली बलूच ने एक सप्ताह में कई युवाओं के गायब होने को शिक्षित बलूच युवाओं पर बढ़ते दमन का संकेत बताया।
बलूच कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 18 जुलाई 2026 को एक बार फिर जबरन गुमशुदगी के दो नए मामले सामने आए हैं। मानवाधिकार संगठन बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने फजल बलूच और शहाब बलूच को कथित तौर पर हिरासत में लिया, किंतु उनके ठिकाने के बारे में परिवारों को कोई जानकारी नहीं दी गई। बीवीजे के अनुसार, यह घटना बलूच शिक्षित युवाओं को निशाना बनाने के बढ़ते पैटर्न का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

बलूच स्टूडेंट फ्रंट (बीएसएफ) के केंद्रीय नेता फजल बलूच को शुक्रवार तड़के बलूचिस्तान के हब चौकी क्षेत्र स्थित उनके घर से सुरक्षाकर्मी कथित तौर पर उठा ले गए। बीवीजे का कहना है कि तब से उनका कोई अता-पता नहीं है।

दूसरे मामले में, अज़रबैजान में अध्ययनरत छात्र शहाब बलूच को गर्मी की छुट्टियों में बलूचिस्तान लौटने के बाद कथित रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गायब कर दिया। संगठन के अनुसार, उनके परिजन भी उनकी स्थिति से अनजान हैं।

मानवाधिकार संगठन की माँगें

बीवीजे ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं — फजल बलूच की स्थिति और ठिकाने की तत्काल जानकारी दी जाए; उन्हें परिवार और वकील से मिलने की अनुमति दी जाए; और यदि हिरासत का कोई कानूनी आधार है, तो उन्हें सक्षम नागरिक अदालत के सामने पेश किया जाए।

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के मामले वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं की चिंता का विषय रहे हैं। यह नवीनतम मामले ऐसे समय में सामने आए हैं जब प्रांत में सुरक्षा अभियान पहले से ही तेज़ बताया जा रहा है।

बलूच महिला फोरम की प्रतिक्रिया

बलूच वुमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) की केंद्रीय आयोजक शाली बलूच ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह के भीतर बलूचिस्तान में कई युवाओं को कथित तौर पर जबरन गायब किया गया है। उन्होंने इसे बलूच छात्रों और शिक्षित युवाओं के विरुद्ध कार्रवाई तेज होने का संकेत बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शाली बलूच ने कहा, 'बलूच छात्रों और स्नातकों को निशाना बनाया जाना राजनीतिक चेतना को कमज़ोर करने और असहमति को दबाने की कोशिश है।'

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बीवीजे ने स्पष्ट किया कि बलूच छात्रों को निशाना बनाकर जबरन गायब करने की घटनाएँ कोई अलग-थलग मामला नहीं हैं, बल्कि शिक्षित बलूच युवाओं के खिलाफ एक सुनियोजित और बढ़ते पैटर्न का हिस्सा हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पैटर्न को लेकर पहले भी चेतावनी दी थी।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

बलूच कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे कथित रूप से गायब सभी युवाओं के ठिकाने का पता लगाने, उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने और पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन कराने के लिए ठोस कदम उठाएँ। यह देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान सरकार इन मामलों पर कोई स्पष्टीकरण देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जवाबदेही शून्य के करीब रही है। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि इस बार निशाने पर वे युवा हैं जो विदेश में पढ़ाई कर रहे थे — यानी जो अंतरराष्ट्रीय दृष्टि में थे। यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान के अंदर और बाहर बलूच आवाज़ों को व्यवस्थित रूप से दबाने की कोशिश हो रही है। जब तक पाकिस्तान सरकार इन मामलों में पारदर्शी जाँच और अदालती प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं करती, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का उसका दावा खोखला बना रहेगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के ताज़ा मामले क्या हैं?
18 जुलाई 2026 को बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बीएसएफ नेता फजल बलूच को हब चौकी क्षेत्र से और अज़रबैजान से लौटे छात्र शहाब बलूच को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया। दोनों के परिजनों को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने पाकिस्तान सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
बीवीजे ने माँग की है कि फजल बलूच की स्थिति और ठिकाने की तत्काल जानकारी दी जाए, उन्हें परिवार और वकील से मिलने की अनुमति दी जाए, और यदि हिरासत का कोई कानूनी आधार है तो उन्हें सक्षम नागरिक अदालत के सामने पेश किया जाए।
क्या बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, बीवीजे और अन्य मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बलूच छात्रों और युवाओं को निशाना बनाकर जबरन गायब करना एक बढ़ता हुआ पैटर्न है, कोई अलग-थलग घटना नहीं। बलूच वुमेन फोरम की आयोजक शाली बलूच ने बताया कि एक ही सप्ताह में कई युवाओं को कथित तौर पर गायब किया गया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूच कार्यकर्ताओं ने क्या अपील की है?
बलूच कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे गायब युवाओं का पता लगाएँ, उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करें और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन करने के लिए बाध्य करें।
शहाब बलूच कौन हैं और उन्हें कब गायब किया गया?
शहाब बलूच एक बलूच छात्र हैं जो अज़रबैजान में पढ़ाई कर रहे थे। बीवीजे के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों में बलूचिस्तान लौटने के बाद उन्हें कथित रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गायब कर दिया और तब से उनके परिजनों को कोई जानकारी नहीं मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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