लालू यादव की सेहत पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र बोले — किडनी ट्रांसप्लांट के बाद विशेष सावधानी जरूरी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 18 जुलाई 2026 को पटना में पार्टी का पक्ष रखते हुए कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की — जिनमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बिगड़ती सेहत, परिसीमन विधेयक, वंदे मातरम विवाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर रक्षा मंत्री की टिप्पणी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे का मामला शामिल रहा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में कई मोर्चों पर हलचल तेज है।
लालू प्रसाद यादव की सेहत: किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अतिरिक्त सतर्कता
भाई वीरेंद्र ने बताया कि लालू प्रसाद यादव का किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने लालू यादव को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लालू यादव के आवास के आसपास का क्षेत्र पर्याप्त रूप से साफ-सुथरा नहीं है, जिस कारण उनकी देखभाल और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
वंदे मातरम पर राजद का रुख: समर्थन, लेकिन जबरदस्ती नहीं
वंदे मातरम के मुद्दे पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय गीत गाना पूरी तरह उचित है और यह देशहित में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसका समर्थन करते हैं, परंतु ऐसा कोई कानून नहीं बनाया जाना चाहिए जो अनावश्यक विवाद उत्पन्न करे। उनके अनुसार, हर नागरिक को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए।
परिसीमन विधेयक: इंडिया ब्लॉक एकजुट, सरकार पर ED-CBI दबाव का आरोप
परिसीमन विधेयक और इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर भाई वीरेंद्र ने कहा, 'पहले बिल आने दीजिए। पिछली बार भी बिल गिर गया था। अब सरकार किसी तरह दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी है, ताकि अपना बिल पास करा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों को ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर सरकार के पक्ष में लाने का प्रयास किया जा रहा है। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक पूरी तरह एकजुट और दृढ़ है।
RSS पर तीखी प्रतिक्रिया: 'आजादी की लड़ाई में कहाँ थे?'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को 'सभ्यतागत शक्ति' और राष्ट्रसेवा करने वाला संगठन बताया था, जिसे किसी सरकारी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं। इस पर भाई वीरेंद्र ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तब आरएसएस कहाँ था। वे अंग्रेजों के साथ थे और उनकी मदद कर रहे थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि RSS ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया।
मृत्युंजय तिवारी का इस्तीफा अस्वीकार, पार्टी में बने रहेंगे
राजद के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'पार्टी आज भी मृत्युंजय तिवारी को राजद का हिस्सा मानती है।' यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्थिरता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। आने वाले दिनों में राजद किस तरह इन सभी मुद्दों पर अपनी रणनीति को धार देती है, यह बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा।