लालू-राबड़ी की सुरक्षा कटौती पर जीतन राम मांझी बोले — यह प्रशासनिक प्रक्रिया, विरोध उचित नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने 6 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में की गई कटौती पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे समग्र सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय किया जाता है।
मांझी का बयान: आंदोलन नहीं, संवाद करें
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक मांझी ने कहा कि यदि किसी को इस फैसले पर आपत्ति है, तो उसे 'सम्मानपूर्वक सरकार के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।' उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मुद्दे पर आंदोलन या विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजद कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध जता चुके हैं।
बिहार गृह विभाग का आदेश और समीक्षा प्रक्रिया
बिहार गृह विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी कर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दी गई सुरक्षा में कटौती की। राज्य सरकार के अनुसार, यह निर्णय 4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया। इसी आदेश के तहत लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को मिली 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है।
राजद का पलटवार: राजनीतिक दुर्भावना का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस फैसले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए बिहार सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश है। राजद का कहना है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी जैसे प्रमुख नेताओं की सुरक्षा घटाना गलत संदेश देता है और उन्होंने इस फैसले के समय पर भी सवाल उठाए हैं।
10 सर्कुलर रोड विवाद से और गहराया तनाव
यह विवाद उस समय और तूल पकड़ गया जब परिवार के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को लेकर भी राजनीतिक तनाव बढ़ा। विपक्षी नेताओं और राजद कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर अपना समर्थन जताया। गौरतलब है कि बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन और राजद के बीच पहले से ही तीखी नोकझोंक चल रही है।
सरकार का पक्ष: फैसला प्रशासनिक, राजनीतिक नहीं
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में बदलाव पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और यह आधिकारिक सुरक्षा समीक्षा तंत्र की सिफारिशों पर आधारित है। सरकार ने किसी भी राजनीतिक मंशा से इनकार किया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजद इस मुद्दे को विधानसभा या अदालत में ले जाता है या नहीं।