राबड़ी-लालू की सुरक्षा में कटौती पर RJD का पलटवार, सुरक्षाकर्मी लौटाए; शक्ति सिंह बोले — 'बदले की राजनीति'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने 6 जून 2026 को बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला, जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में कटौती के विरोध में दोनों नेताओं ने अपने पटना स्थित सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया। शक्ति सिंह यादव ने इस कदम को 'घृणित और बदले की भावना से प्रेरित राजनीति' करार दिया और कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने शनिवार को एक प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। यह कदम बिहार सरकार द्वारा लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में की गई कथित व्यापक कटौती के बाद उठाया गया। RJD ने इसे सत्तापक्ष की ओर से विपक्ष को दबाने की सोची-समझी रणनीति बताया है।
शक्ति सिंह यादव के आरोप
RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर लालू परिवार की सुरक्षा में व्यापक कटौती की है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के वाहन को टक्कर मारी गई थी, और इसके बावजूद सुरक्षा घटाना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया, 'सत्ता पक्ष विपक्ष को कमजोर करने और डराने का प्रयास कर रहा है। आप चाहते हैं कि लालू प्रसाद के पूरे परिवार को बीच चौराहे पर बुलडोज करा दें।' उन्होंने यह भी कहा कि 'जनता के जनादेश पर जो कुठाराघात हमला किया जा रहा है, उसे बिहार बर्दाश्त नहीं करेगा।'
संवैधानिक दर्जे का सवाल
राबड़ी देवी न केवल बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री हैं, बल्कि वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। लालू प्रसाद यादव भी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। RJD का तर्क है कि इन संवैधानिक पदों और पूर्व पदों को देखते हुए सुरक्षा में कटौती न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध भी है।
आवास विवाद से जुड़ा संदर्भ
शक्ति सिंह यादव ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब लालू परिवार को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले सरकारी आवास को लेकर भी विवाद खड़ा किया गया था, और अब सुरक्षा का मुद्दा सामने लाया गया है। RJD ने इसे एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा बताया है जिसका उद्देश्य विपक्ष की आवाज़ को दबाना है।
आगे क्या
RJD ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर उठाएगी। पार्टी का कहना है कि जनता के जनादेश से तय होने वाली विपक्ष की भूमिका को किसी भी सरकार द्वारा बाधित नहीं किया जाना चाहिए। बिहार की राजनीति में यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने के आसार हैं।