राबड़ी देवी ने सुरक्षाकर्मी लौटाए, बिहार सरकार ने जेड प्लस सुरक्षा वापस ली
सारांश
मुख्य बातें
पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार, 6 जून को अपने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास के बाहर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। यह कदम तब आया जब बिहार सरकार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी। उल्लेखनीय है कि राबड़ी देवी पहले से ही सरकारी आवास खाली करने के विवाद में उलझी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार की सुबह 10 सर्कुलर रोड के बाहर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा — एक भी सुरक्षाकर्मी नज़र नहीं आया। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली थी।
नई सुरक्षा व्यवस्था क्या है
जेड प्लस सुरक्षा के स्थान पर अब विशेष सुरक्षा दल (एसएसजी) की व्यवस्था दी गई है। राबड़ी देवी को बिहार सशस्त्र पुलिस (बीसैप) से 2 से 8 हाउस गार्ड, सादे लिबास में 3 महिला अंगरक्षक, 3 वर्दीधारी अंगरक्षक, बुलेटप्रूफ वाहन, पायलट और एस्कार्ट उपलब्ध कराया जाएगा।
राजद की प्रतिक्रिया
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस फैसले को 'साहसिक' बताया और कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा स्वेच्छा से वापस कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन इस परिवार को अपमानित करना चाहता है — पहले मकान खाली कराने का दबाव, अब सुरक्षा में कटौती। उनके शब्दों में, 'यह राजनीति नहीं, अपमानित करने की साजिश है।'
आम जनता और विपक्ष पर असर
शक्ति सिंह यादव ने संभावना जताई कि राजद के सभी नेता अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर देंगे और पार्टी 'जनता के सहारे' आगे बढ़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राबड़ी देवी का सरकारी आवास विवाद पहले से ही बिहार की राजनीति में तूफान ला चुका है। गौरतलब है कि सत्ता-विपक्ष के बीच यह टकराव राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को और तीखा कर सकता है।
क्या होगा आगे
राजद के रुख को देखते हुए यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है। सरकारी आवास खाली कराने और सुरक्षा में बदलाव — दोनों मुद्दों पर सियासत तेज़ हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बिहार विधानसभा में भी गूँज सकता है।