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लालू-राबड़ी की 'जेड प्लस' सुरक्षा कटौती पर रोहिणी आचार्य का बिहार सरकार को कड़ा अल्टीमेटम

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लालू-राबड़ी की 'जेड प्लस' सुरक्षा कटौती पर रोहिणी आचार्य का बिहार सरकार को कड़ा अल्टीमेटम

सारांश

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 'जेड प्लस' सुरक्षा हटाए जाने के बाद बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार को खुली चेतावनी दी — परिवार को खरोंच भी आई तो अंजाम भुगतना होगा। लालू, राबड़ी और तेजस्वी ने शेष सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया। बिहार में सत्ता और विपक्ष का टकराव नए मोड़ पर।

मुख्य बातें

रोहिणी आचार्य ने 6 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर बिहार सरकार को चेतावनी दी कि परिवार को नुकसान पहुंचा तो अंजाम भुगतना होगा।
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 'जेड प्लस' सुरक्षा हटाए जाने के विरोध में दोनों ने शेष सुरक्षाकर्मियों को भी वापस लौटाया।
तेजस्वी यादव ने वन पोलो रोड स्थित सरकारी आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से वापस भेजा।
रोहिणी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया।
रोहिणी ने फेसबुक पर समर्थकों से राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पर भारी संख्या में पहुंचने की अपील की।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा लालू प्रसाद यादव की 'जेड प्लस' सुरक्षा में कटौती किए जाने के बाद उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। 6 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रोहिणी ने कहा कि यदि परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोंच भी आई, तो उसके अंजाम का अंदाज़ा शायद सरकार को नहीं है। यह विवाद बिहार की सत्तारूढ़ सरकार और विपक्षी लालू परिवार के बीच बढ़ते टकराव की ताज़ा कड़ी है।

रोहिणी आचार्य का एक्स पर सीधा हमला

रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा, 'सात खून के आरोपी रहे मुख्यमंत्री' की सरकार द्वारा लालू और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती का फैसला परिवार को नुकसान व शारीरिक क्षति पहुंचाने की नीयत से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य नहीं है।

इसी के मद्देनज़र राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास से शेष सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेजने का निर्णय लिया। रोहिणी ने पोस्ट में यह भी कहा कि 'सम्राट सरकार' को यह जान लेना चाहिए कि बिहार की करोड़ों जनता ही लालू-राबड़ी देवी और उनके परिवार का असली सुरक्षा कवच है।

लालू-राबड़ी और तेजस्वी ने भी लौटाए सुरक्षाकर्मी

शनिवार को लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने 'जेड प्लस' सुरक्षा हटाए जाने के विरोध में सुरक्षा में तैनात शेष पुलिसकर्मियों को भी वापस लौटा दिया। इसी तर्ज पर तेजस्वी यादव ने वन पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी ड्यूटी से वापस भेज दिया। इसके बाद पोलो रोड परिसर में एक भी सुरक्षाकर्मी उपस्थित नहीं रहा।

गौरतलब है कि 'जेड प्लस' श्रेणी देश की सर्वोच्च व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणियों में से एक है, जो गंभीर खतरे की आशंका वाले नेताओं को प्रदान की जाती है। इस श्रेणी की सुरक्षा हटाए जाने का निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाता है।

फेसबुक पर समर्थकों से अपील

रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर भी पोस्ट करते हुए तमाम 'लालूवादियों' से अपील की कि वे भारी संख्या में राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पर पहुंचें और मुख्यमंत्री को यह कड़ा संदेश दें कि जनता ही लालू परिवार की असली ढाल है। उन्होंने कहा कि पूरा देश और पूरा बिहार देख रहा है कि किस तरह बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।

रोहिणी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और बिहार की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी RJD के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा में कटौती का यह कदम राजनीति से प्रेरित है, जबकि सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह देखना अहम होगा कि क्या बिहार सरकार रोहिणी आचार्य की चेतावनी और RJD के विरोध के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करती है, या फिर यह टकराव और गहरा होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी टाइमिंग और RJD की तीखी प्रतिक्रिया बताती है कि बिहार में सत्ता-विपक्ष संघर्ष अब संस्थागत चैनलों से बाहर निकल रहा है। रोहिणी आचार्य का यह बयान कि 'करोड़ों जनता ही सुरक्षा कवच है' — भीड़-आधारित राजनीतिक दबाव की भाषा है, जो लोकतांत्रिक विमर्श के लिए चिंताजनक संकेत है। सरकार की चुप्पी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी रोहिणी का आक्रोश — क्योंकि बिना आधिकारिक स्पष्टीकरण के, सुरक्षा कटौती के पीछे की असली वजह अटकलों के भरोसे छूट जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 'जेड प्लस' सुरक्षा श्रेणी में कटौती का निर्णय लिया। सरकार की ओर से इस फैसले के लिए कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार को क्या चेतावनी दी?
रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यदि लालू, राबड़ी देवी और परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोंच भी आई, तो उसके अंजाम का अंदाज़ा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को नहीं है। उन्होंने सुरक्षा कटौती को परिवार को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लिया गया फैसला बताया।
तेजस्वी यादव ने अपनी सुरक्षा के बारे में क्या किया?
तेजस्वी यादव ने वन पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से वापस भेज दिया। इसके बाद पोलो रोड परिसर में एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं रहा।
'जेड प्लस' सुरक्षा श्रेणी क्या होती है?
'जेड प्लस' भारत की सर्वोच्च व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणियों में से एक है, जो गंभीर खतरे की आशंका वाले नेताओं या हस्तियों को प्रदान की जाती है। इस श्रेणी में बड़ी संख्या में सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं और इसे हटाने का निर्णय राज्य या केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाता है।
रोहिणी आचार्य ने समर्थकों से क्या अपील की?
रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर तमाम समर्थकों से अपील की कि वे भारी संख्या में राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पर पहुंचें और मुख्यमंत्री को यह संदेश दें कि बिहार की जनता ही लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल है।
राष्ट्र प्रेस
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