लालू-राबड़ी की सुरक्षा कटौती पर आलोक मेहता का हमला, बोले- 'सत्ता किसी की जागीर नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक आलोक मेहता ने 5 जून 2026 को पटना में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। मेहता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
मुख्य आरोप: राजनीतिक द्वेष से चल रही सरकार
आलोक मेहता ने कहा कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है, वह सर्वथा निंदनीय है। उनके अनुसार, जिन नेताओं ने वर्षों तक गरीबों और वंचित वर्गों के हित में काम किया, उन्हें आज राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सरकार के अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा। मेहता का आरोप है कि सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक लाभ पर केंद्रित है और रोज़ाना यह तय किया जाता है कि किसके खिलाफ कार्रवाई करनी है, किस पर प्राथमिकी दर्ज करनी है और किसे राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाना है।
सुरक्षा आवंटन पर सवाल
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेहता ने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों को उनकी राजनीतिक हैसियत और सत्ता से नज़दीकी के आधार पर सुरक्षा दी जा रही है। उनके अनुसार, सीमित जनाधार वाले नेताओं को विशेष सुरक्षा मिल रही है, जबकि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब आरजेडी परिवार को आवंटित सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया भी विवादों में है। मेहता ने कहा कि सरकार का यह रवैया किसी व्यक्तिगत दुश्मनी को साधने जैसा प्रतीत होता है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई
आलोक मेहता ने विधानसभा और लोकतांत्रिक परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी गरिमा होती है। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता का सम्मान उतना ही होना चाहिए जितना सत्ता पक्ष के नेता का। उनके अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्रियों और विपक्षी नेताओं के प्रति संवाद और सम्मान की परंपरा भारतीय लोकतंत्र की पहचान रही है, लेकिन वर्तमान में इन मूल्यों की अनदेखी हो रही है।
गौरतलब है कि मेहता ने सरकार पर राजनीतिक शिष्टाचार, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुले तौर पर उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया।
खान सर विवाद और कानून-व्यवस्था पर निशाना
आलोक मेहता ने चर्चित शिक्षक खान सर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और हाल के विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सरकार के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। उनका आरोप है कि जो लोग कभी बिहार में 'जंगलराज' की बात करते थे, वही अब उससे भी बदतर स्थिति पैदा कर चुके हैं।
आगे क्या
आलोक मेहता ने चेतावनी दी कि 'सत्ता किसी की निजी संपत्ति नहीं होती और लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं।' उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में आरजेडी की यह आक्रामक रणनीति आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ा सकती है।