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तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर हमला: 'सुरक्षा-आवास विवाद से बिहार की असल समस्याएँ छुपा रही सरकार'

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तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर हमला: 'सुरक्षा-आवास विवाद से बिहार की असल समस्याएँ छुपा रही सरकार'

सारांश

तेजस्वी यादव ने पटना लौटते ही CM सम्राट चौधरी पर निशाना साधा — बिना सुरक्षाकर्मियों के राबड़ी देवी के घर रवाना हुए और आरोप लगाया कि सरकार सुरक्षा-आवास जैसे मुद्दों की आड़ में खाली खजाने, बढ़ते अपराध और प्रशासनिक नाकामी को छुपा रही है।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 9 जून को पटना हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला।
तेजस्वी, लालू प्रसाद यादव और मीसा भारती के साथ बिना सरकारी सुरक्षाकर्मियों के राबड़ी देवी के आवास रवाना हुए।
आरोप लगाया कि राज्य का खजाना खाली है और सरकार शासन विफलता से ध्यान हटाने के लिए सुरक्षा-आवास विवाद खड़ा कर रही है।
रिशुश्री मामले का उल्लेख करते हुए बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर चिंता जताई।
तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि उन्हें और राबड़ी देवी को सरकारी आवास संवैधानिक पद के आधार पर मिला है, न कि किसी एहसान के रूप में।

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 9 जून को पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी आवास जैसे मुद्दों को हवा देकर बिहार की वास्तविक समस्याओं — बढ़ते अपराध, खाली खजाना और प्रशासनिक विफलता — से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। यह बयान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर उपजे राजनीतिक विवाद के बीच आया है।

बिना सुरक्षाकर्मियों के राबड़ी देवी के आवास की ओर रवाना

तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ दिल्ली से पटना पहुँचे। हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित करने के बाद यह नेता बिना किसी सरकारी सुरक्षाकर्मी के राबड़ी देवी के आवास के लिए रवाना हो गए। यह कदम प्रतीकात्मक माना जा रहा है — यह दर्शाने के लिए कि यादव परिवार ने स्वेच्छा से सरकारी सुरक्षा पर निर्भरता छोड़ दी है और जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन को प्राथमिकता दी है।

तेजस्वी के आरोप: खाली खजाना, नाकाम शासन

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी सही मायनों में मुख्यमंत्री के रूप में काम नहीं कर रहे और छोटी राजनीति में लिप्त हैं। उनके अनुसार, 'राज्य का खजाना खाली है और सरकार के पास दिखाने के लिए कोई काम नहीं है। इन नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए वे बेमतलब की बातें करते रहते हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार जानबूझकर सुरक्षा और आवास जैसे मुद्दों पर विवाद खड़ा कर रही है ताकि बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर चर्चा न हो सके।

रिशुश्री मामला और कानून-व्यवस्था पर सवाल

तेजस्वी ने रिशुश्री मामले का उल्लेख करते हुए अधिकारियों की निष्क्रियता पर गहरी चिंता जताई। उनका आरोप था कि बच्चों और महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही हैं, जबकि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैल चुका है। उन्होंने कहा, 'कई विभागों में रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता और पूरे राज्य में अपराध बढ़ रहा है।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश कर रहा है।

सरकारी आवास पर तेजस्वी का बचाव

तेजस्वी ने खुद और राबड़ी देवी को सरकारी आवास आवंटित किए जाने का स्पष्ट बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद के कारण आवास मिला है, जबकि राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आवास की संवैधानिक रूप से हकदार हैं — यह कोई एहसान नहीं, बल्कि अधिकार है।

आगे क्या होगा

यह राजनीतिक विवाद बिहार विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में और तीखा होता दिख रहा है। RJD और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच सुरक्षा-आवास विवाद अब शासन और विकास की बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और तीखी प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह बिहार की राजनीतिक जमीन पर RJD और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच आगामी चुनावी युद्ध की पूर्व-पीठिका है। तेजस्वी का बिना सुरक्षाकर्मियों के निकलना महज प्रतीकवाद नहीं — यह एक सुनियोजित संदेश है जो 'जनता के बीच का नेता' की छवि गढ़ता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष खाली खजाने और कानून-व्यवस्था के आरोपों को ठोस आँकड़ों और तथ्यों से पुष्ट कर पाएगा, या यह बहस भी दोनों पक्षों के बयानबाज़ी तक सिमट कर रह जाएगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सही मायनों में शासन नहीं कर रहे और सुरक्षा-आवास जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को उठाकर राज्य के खाली खजाने, बढ़ते अपराध और प्रशासनिक नाकामी से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा में क्या बदलाव हुआ?
बिहार सरकार ने हाल ही में RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए हैं, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। तेजस्वी ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है।
तेजस्वी यादव को सरकारी आवास क्यों मिला है?
तेजस्वी यादव के अनुसार, उन्हें सरकारी आवास विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद के कारण मिला है, जबकि राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते इसकी हकदार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई एहसान नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।
रिशुश्री मामला क्या है और तेजस्वी ने इसे क्यों उठाया?
तेजस्वी यादव ने रिशुश्री मामले का उल्लेख बिहार में अधिकारियों की निष्क्रियता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को उजागर करने के लिए किया। उन्होंने इसे राज्य में बच्चों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की व्यापक प्रवृत्ति के उदाहरण के रूप में पेश किया।
क्या तेजस्वी यादव ने सरकारी सुरक्षा छोड़ दी है?
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने स्वेच्छा से सरकारी सुरक्षा पर भरोसा करना छोड़ दिया है और जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन को प्राथमिकता दी है। 9 जून को वे बिना किसी सुरक्षाकर्मी के राबड़ी देवी के आवास के लिए रवाना हुए।
राष्ट्र प्रेस
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