तेजस्वी यादव का आरोप: बिहार में महिला अपराध बढ़े, सम्राट चौधरी सरकार विफल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 19 मई 2026 को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। यादव का कहना है कि नई सरकार के गठन के महज एक महीने के भीतर बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में तेजी आई है और सरकार केवल दावों तक सीमित है।
मुख्य आरोप: महिला सुरक्षा पर सरकार नाकाम
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता-संरक्षित अपराधी प्रदेश की महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग का प्रभार होने के बावजूद अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं दिखता। उन्होंने प्रदेश की विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
राजनीतिक बदलाव पर सवाल
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि छह महीने के भीतर बिहार में दो बार मुख्यमंत्री बदले गए। उनका आरोप था कि जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री को हटाकर एक 'सिलेक्टिव मुख्यमंत्री' थोपा गया है। यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — के गठबंधन पर सीधा निशाना थी।
महिला सशक्तिकरण के दावों पर प्रहार
विपक्ष के नेता ने सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों को खोखला बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 65 प्रतिशत महिलाएं आज भी खून की कमी जैसी बुनियादी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार महिला कल्याण योजनाओं की सफलता का दावा कर रही है।
एनकाउंटर और जाति-आधारित भेदभाव के आरोप
तेजस्वी यादव ने बिहार में हो रहे पुलिस एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि राज्य में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने बालिका गृहकांड के आरोपी के एनकाउंटर न होने पर भी सरकार को घेरा।
चुनावी वादों पर जवाबदेही की माँग
यादव ने BJP-JDU गठबंधन पर आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं को ₹10,000 बाँटे गए और दूसरी किश्त में ₹2 लाख देने का वादा किया गया, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह राशि नहीं दी गई, तो महिलाएं सरकार के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाएँगी। गौरतलब है कि चुनावी वादों की जवाबदेही को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए है।