18 जुलाई 2026
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पंजाब पुलिस ने टांडा के पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया, अमेरिका में रहने वाले परिवार से ₹16 लाख की जबरन वसूली का आरोप

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पंजाब पुलिस ने टांडा के पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया, अमेरिका में रहने वाले परिवार से ₹16 लाख की जबरन वसूली का आरोप

सारांश

जालंधर पुलिस ने टांडा के पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया है — अमेरिका में रहने वाले परिवार से ₹16 लाख की जबरन वसूली के आरोप में। FBI की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुई यह कार्रवाई पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर करती है।

मुख्य बातें

जालंधर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को देर रात टांडा के पूर्व SHO इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया।
नागरा पर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से कथित तौर पर ₹16 लाख की जबरन वसूली का आरोप है।
FBI ने इससे पहले एक सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लेकर धोखाधड़ी और हत्या मामले में फंसाने के आरोप लगाए थे।
नागरा को पद से हटाकर पुलिस लाइन्स, होशियारपुर भेजा गया था और अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
हत्या मामले की जांच होशियारपुर जिले के बाहर तैनात एक IPS अधिकारी को सौंपी गई है।
पुलिस ने पूरी साजिश उजागर करने के लिए अदालत से पुलिस रिमांड माँगी है।

जालंधर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को देर रात टांडा के पूर्व थानाध्यक्ष (SHO) इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया। नागरा पर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से कथित तौर पर ₹16 लाख की जबरन वसूली करने और एक हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप हैं। इससे पहले अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लेते हुए उन पर धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोप लगाए थे।

मुख्य घटनाक्रम

उप पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, जालंधर रेंज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, FBI के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए नागरा को तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष टांडा के पद से हटाकर पुलिस लाइन्स, होशियारपुर भेज दिया गया था। साथ ही, संबंधित हत्या मामले की जांच होशियारपुर जिले के बाहर तैनात एक IPS अधिकारी को सौंपी गई।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर नागरा के अमेरिका में रहने वाले उस परिवार से ₹16 लाख गैर-कानूनी तरीके से वसूलने में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और उन्हें शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया गया।

अदालत में पेशी और रिमांड

गिरफ्तारी के बाद नागरा को शनिवार को संबंधित अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस ने पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए पुलिस रिमांड की माँग करने की भी जानकारी दी। जांच अभी जारी है और अतिरिक्त सबूत जुटाए जा रहे हैं।

विभागीय कार्रवाई

जालंधर पुलिस ने स्पष्ट किया कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह कदम भ्रष्टाचार और कदाचार के प्रति पंजाब सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप उठाया गया है।

FBI की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय आयाम

यह मामला इसलिए असाधारण है क्योंकि एक विदेशी जांच एजेंसी — FBI — ने सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक भारतीय पुलिस अधिकारी का नाम लेकर उस पर गंभीर आरोप लगाए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सूचना साझाकरण बढ़ा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मामले पुलिस बल के भीतर जवाबदेही तंत्र की कमज़ोरियों को उजागर करते हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, नागरा के खिलाफ जांच अभी जारी है और पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अदालत के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या FBI और भारतीय एजेंसियों के बीच इस मामले में औपचारिक सहयोग स्थापित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस पूरे नेटवर्क को उजागर करे जिसने इस वसूली को संभव बनाया।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरिंदरजीत सिंह नागरा को क्यों गिरफ्तार किया गया?
इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से कथित तौर पर ₹16 लाख की जबरन वसूली करने और एक हत्या मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप में जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच में तकनीकी साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।
FBI का इस मामले में क्या रोल है?
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने एक सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम लेते हुए उन पर धोखाधड़ी और हत्या मामले में फंसाने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे। FBI के इस कदम के बाद ही पंजाब पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नागरा को पद से हटाया और जांच शुरू की।
नागरा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्या है?
गिरफ्तारी के साथ-साथ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू की गई है। पहले उन्हें थानाध्यक्ष टांडा के पद से हटाकर पुलिस लाइन्स, होशियारपुर भेजा गया था।
हत्या मामले की जांच कौन कर रहा है?
संबंधित हत्या मामले की जांच होशियारपुर जिले के बाहर तैनात एक IPS अधिकारी को सौंपी गई है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। यह फैसला उप पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, जालंधर रेंज की ओर से लिया गया।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अदालत से पुलिस रिमांड माँगी गई है। अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए अतिरिक्त सबूत जुटाए जा रहे हैं, इसलिए आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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