पंजाब पुलिस ने टांडा के पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया, अमेरिका में रहने वाले परिवार से ₹16 लाख की जबरन वसूली का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जालंधर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को देर रात टांडा के पूर्व थानाध्यक्ष (SHO) इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया। नागरा पर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से कथित तौर पर ₹16 लाख की जबरन वसूली करने और एक हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप हैं। इससे पहले अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लेते हुए उन पर धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोप लगाए थे।
मुख्य घटनाक्रम
उप पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, जालंधर रेंज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, FBI के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए नागरा को तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष टांडा के पद से हटाकर पुलिस लाइन्स, होशियारपुर भेज दिया गया था। साथ ही, संबंधित हत्या मामले की जांच होशियारपुर जिले के बाहर तैनात एक IPS अधिकारी को सौंपी गई।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर नागरा के अमेरिका में रहने वाले उस परिवार से ₹16 लाख गैर-कानूनी तरीके से वसूलने में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और उन्हें शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया गया।
अदालत में पेशी और रिमांड
गिरफ्तारी के बाद नागरा को शनिवार को संबंधित अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस ने पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए पुलिस रिमांड की माँग करने की भी जानकारी दी। जांच अभी जारी है और अतिरिक्त सबूत जुटाए जा रहे हैं।
विभागीय कार्रवाई
जालंधर पुलिस ने स्पष्ट किया कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह कदम भ्रष्टाचार और कदाचार के प्रति पंजाब सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप उठाया गया है।
FBI की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय आयाम
यह मामला इसलिए असाधारण है क्योंकि एक विदेशी जांच एजेंसी — FBI — ने सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक भारतीय पुलिस अधिकारी का नाम लेकर उस पर गंभीर आरोप लगाए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सूचना साझाकरण बढ़ा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मामले पुलिस बल के भीतर जवाबदेही तंत्र की कमज़ोरियों को उजागर करते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, नागरा के खिलाफ जांच अभी जारी है और पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अदालत के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या FBI और भारतीय एजेंसियों के बीच इस मामले में औपचारिक सहयोग स्थापित होता है।