पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार: हत्या मामले में अमेरिका में रहने वाले परिवार से ₹16 लाख की रिश्वत
सारांश
मुख्य बातें
होशियारपुर जिले के टांडा थाने के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 17 जुलाई 2025 को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने एक हत्या मामले की जांच के दौरान अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से ₹16 लाख की जबरन वसूली और रिश्वत ली। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मामले का पृष्ठभूमि
उप पुलिस महानिरीक्षक, जालंधर रेंज के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ अमेरिका में दायर आरोपपत्र और मीडिया रिपोर्टों के सामने आने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से टांडा थाना प्रभारी के पद से हटाया गया था। इसके बाद उनका तबादला होशियारपुर पुलिस लाइंस में कर दिया गया।
जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हत्या के मूल मामले की जांच होशियारपुर जिले से बाहर तैनात एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी को सौंप दी गई — यह कदम दर्शाता है कि अधिकारियों ने स्थानीय प्रभाव की आशंका को गंभीरता से लिया।
जांच में मिले सबूत
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पर्याप्त सबूत एकत्र किए गए। इन साक्ष्यों से पता चला कि इंस्पेक्टर नागरा ने अमेरिका में रहने वाले पीड़ित परिवार से पैसों की माँग की, उन पर दबाव बनाया और ₹16 लाख रिश्वत के रूप में वसूले।
गौरतलब है कि यह मामला तब और जटिल हो गया जब अमेरिका में भी संबंधित आरोपपत्र दायर हुआ — जो दर्शाता है कि पीड़ित परिवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी न्याय की गुहार लगाई।
कानूनी कार्रवाई
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया गया। 17 जुलाई 2025 को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा और मामले में शामिल अन्य लोगों तथा साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस हिरासत की माँग की जाएगी। जांच अभी जारी है।
पंजाब पुलिस का रुख
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी को पद या रैंक की परवाह किए बिना सख्त कार्रवाई का सामना करना होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में पुलिस सुधार और जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस तेज़ है। आगामी सुनवाई में अदालत का फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा।