1 अगस्त 2026
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जालंधर में पाकिस्तान के लिए जासूसी: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सोलर CCTV लगाकर वीडियो भेजता था आरोपी, गिरफ्तार

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जालंधर में पाकिस्तान के लिए जासूसी: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सोलर CCTV लगाकर वीडियो भेजता था आरोपी, गिरफ्तार

सारांश

जालंधर पुलिस ने एक ऐसे जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो सोलर-संचालित 4G CCTV कैमरों से सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी कर मोबाइल एप के ज़रिए पाकिस्तान को फुटेज भेज रहा था। आरोपी सुखविंदर सिंह गिरफ्तार, अमृतसर में FIR दर्ज; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

मुख्य बातें

जालंधर पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया गया; उसके पास से 4G सोलर CCTV उपकरण बरामद।
आरोपी मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए सैन्य गतिविधियों की वीडियो पाकिस्तान भेजता था।
अमृतसर के पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज; मामले की गहन जाँच जारी।
गिरोह के अन्य संदिग्ध सदस्यों की सक्रिय तलाश जारी है।

जालंधर पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एक संगीन जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर सैन्य प्रतिष्ठानों पर 4G कनेक्टिविटी वाले सोलर CCTV कैमरे लगाकर भारतीय सेना की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक पहुँचाता था। पुलिस ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर साझा की है।

मामले का मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुखविंदर सिंह सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास रणनीतिक स्थानों पर सोलर ऊर्जा से संचालित 4G CCTV उपकरण स्थापित करता था। इन कैमरों से प्राप्त फुटेज को वह मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने संपर्कों को भेजता था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से ये सोलर CCTV उपकरण भी बरामद किए हैं।

गौरतलब है कि यह तकनीक विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि सोलर-संचालित होने के कारण इन कैमरों को बिजली आपूर्ति की आवश्यकता नहीं होती और ये दुर्गम स्थानों पर लंबे समय तक सक्रिय रह सकते हैं।

एफआईआर और जाँच की दिशा

पुलिस ने बताया कि इस मामले की विधिवत जाँच के लिए अमृतसर के एक पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, अब इस मामले की विभिन्न पहलुओं से गहन जाँच की जाएगी और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और पाकिस्तान में उसके संपर्क कौन थे।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

जालंधर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी केवल पहला कदम है। अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह में शामिल अन्य संदिग्धों की सक्रिय रूप से तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क व्यापक हो सकता है और इसके तार एकाधिक राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं।

आगामी दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जाँच एजेंसियाँ इस जासूसी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को उजागर करने में जुटी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यावसायिक रूप से उपलब्ध तकनीक को जासूसी के हथियार में बदला जा रहा है। सोलर-संचालित 4G कैमरे अब किसी भी दुकान पर मिलते हैं, जिससे पारंपरिक खुफिया तंत्र के लिए इनकी पहचान कठिन हो जाती है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही अत्यंत तनावपूर्ण दौर में हैं। असली सवाल यह है कि क्या सुरक्षा एजेंसियाँ इस तकनीकी-सक्षम जासूसी के नए स्वरूप से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जालंधर जासूसी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
जालंधर पुलिस ने सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर सैन्य प्रतिष्ठानों पर सोलर CCTV कैमरे लगाकर पाकिस्तान को वीडियो भेजता था। उसके पास से 4G कनेक्टिविटी वाले सोलर CCTV उपकरण बरामद किए गए हैं।
आरोपी पाकिस्तान को वीडियो कैसे भेजता था?
आरोपी मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर CCTV फुटेज को सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने संपर्कों तक पहुँचाता था। सोलर-संचालित 4G कैमरे होने के कारण इन्हें बिजली की ज़रूरत नहीं थी और ये लंबे समय तक सक्रिय रह सकते थे।
इस मामले में FIR कहाँ दर्ज की गई है?
पुलिस के अनुसार, इस मामले की विधिवत जाँच के लिए अमृतसर के एक पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जाँच में संलिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
क्या इस जासूसी गिरोह में और भी लोग शामिल हैं?
पुलिस ने स्वीकार किया है कि गिरोह में अन्य सदस्य भी हो सकते हैं और उनकी सक्रिय तलाश जारी है। आरोपी सुखविंदर सिंह से पूछताछ कर नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि आरोपी ने व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सोलर CCTV तकनीक का उपयोग सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए किया। यह घटना भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सामने आई है और दर्शाती है कि सस्ती तकनीक जासूसी का नया माध्यम बन रही है।
राष्ट्र प्रेस
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