8 अगस्त 2026
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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों पर 2 नागरिकों की हत्या और 2 को जबरन गायब करने का आरोप, मानवाधिकार संगठनों ने जांच की मांग की

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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों पर 2 नागरिकों की हत्या और 2 को जबरन गायब करने का आरोप, मानवाधिकार संगठनों ने जांच की मांग की

सारांश

बलूचिस्तान में एक हफ्ते के भीतर दो नागरिकों की कथित न्यायेतर हत्या और दो युवकों के जबरन गायब होने के आरोपों ने मानवाधिकार संगठनों को आक्रोशित किया है। BYC और BVJ ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

22 वर्षीय मुजाहिद का गोलियों से छलनी शव 18 जून को पंजगुर जिले के चाकुल इलाके के पास मिला; वह 7 जून से लापता था।
33 वर्षीय गुल बदीन नोटेजई की 17 जून को चागई जिले के दलबंदीन में पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित हत्या का आरोप।
21 वर्षीय आदिल बलूच को 6 जून को क्वेटा से और 18 वर्षीय उबैद बलोच को 14 जून को दलबंदीन से जबरन उठाए जाने का आरोप।
बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) और बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग की।
पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ कथित हिंसा की एक और गंभीर तस्वीर सामने आई है। 19 जून 2026 को प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दो नागरिकों की बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्या कर दी और दो अन्य बलूच युवकों को जबरन गायब कर दिया। ये घटनाएँ पंजगुर, चागई और क्वेटा जिलों में अलग-अलग समय पर घटित हुई बताई जा रही हैं।

मुजाहिद की हत्या: 10 दिन बाद मिला गोलियों से छलनी शव

मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) के अनुसार, 22 वर्षीय ड्राइवर मुजाहिद का गोलियों से छलनी शव गुरुवार, 18 जून को पंजगुर जिले के चाकुल इलाके के निकट बरामद हुआ। संगठन का कहना है कि मुजाहिद 10 दिनों से अधिक समय से लापता था और उसे 7 जून की रात पंजगुर के सरसंद इलाके में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) रोड के पास से पाकिस्तानी बलों ने कथित तौर पर जबरन उठाया था। BYC के अनुसार, इस पूरे दौरान उसके परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

चागई में गुल बदीन नोटेजई की कथित हत्या

एक अलग घटना में, 33 वर्षीय गुल बदीन नोटेजई की 17 जून को चागई जिले के दलबंदीन इलाके में पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित तौर पर हत्या किए जाने का आरोप है। BYC ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। गुल बदीन नोटेजई उन कई बेगुनाह नागरिकों में शामिल हो गए हैं, जिनके मामले बलूचिस्तान में लोगों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं।"

दो और बलूच युवक कथित तौर पर जबरन गायब

मानवाधिकार संगठन बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने आरोप लगाया कि दो और युवकों को पाकिस्तानी बलों ने जबरन उठाया है। संगठन के अनुसार, 21 वर्षीय मजदूर आदिल बलूच को 6 जून को प्रांतीय राजधानी क्वेटा के किल्ली लोहर कारेज इलाके से और 18 वर्षीय मजदूर उबैद बलोच को 14 जून को दलबंदीन से उठाया गया। BVJ ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, "चुप्पी और निष्क्रियता केवल पीड़ितों और उनके परिवारों के दुख को और बढ़ाती है।"

मानवाधिकार संगठनों की माँगें

BYC ने इन सभी मामलों की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग की है और पाकिस्तानी अधिकारियों से कहा है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाए। संगठन ने यह भी कहा, "लापता लोगों के परिवार और मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से जबरन गायब किए जाने, गैरकानूनी हत्याओं और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं, लेकिन जब बात बलूचिस्तान की आती है तो सरकारी संस्थानों ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है।"

बलूचिस्तान में बढ़ता मानवाधिकार संकट

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के आरोप वर्षों से लगते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय पाकिस्तान से इस क्षेत्र में स्वतंत्र जांच की अनुमति देने की माँग कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि बिना स्वतंत्र जांच के ये आरोप न तो सिद्ध होते हैं, न खारिज।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मानवाधिकार संगठनों BYC और BVJ ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जून 2026 में दो नागरिकों — मुजाहिद और गुल बदीन नोटेजई — की बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्या की और दो अन्य युवकों — आदिल बलूच व उबैद बलोच — को जबरन गायब कर दिया।
मुजाहिद को कब और कहाँ से उठाया गया था?
BYC के अनुसार, 22 वर्षीय ड्राइवर मुजाहिद को 7 जून की रात पंजगुर के सरसंद इलाके में CPEC रोड के पास से पाकिस्तानी बलों ने कथित तौर पर जबरन उठाया था। 10 दिनों से अधिक समय बाद 18 जून को उसका गोलियों से छलनी शव पंजगुर जिले के चाकुल इलाके के पास मिला।
मानवाधिकार संगठनों ने क्या माँग की है?
BYC और BVJ ने पाकिस्तान सरकार से इन सभी मामलों की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग की है। संगठनों ने यह भी कहा है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाए और बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की प्रथा को खत्म किया जाए।
क्या पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। BYC ने यह भी कहा है कि बलूचिस्तान से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघनों पर सरकारी संस्थानों ने ऐतिहासिक रूप से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी पुरानी है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के आरोप दशकों से लगते रहे हैं और यह क्षेत्र लंबे समय से मानवाधिकार संगठनों की चिंता का केंद्र रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय पाकिस्तान से इस क्षेत्र में स्वतंत्र जांच की अनुमति देने की माँग करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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