तमिलनाडु उपचुनाव: टीवीके उम्मीदवारों पर कार्ति चिदंबरम की आपत्ति, बोले — 'टिकट नहीं मिलना चाहिए था'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने 23 सितंबर 2026 को मदुरै में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के उम्मीदवारों के पक्ष में नहीं हैं। उनकी यह टिप्पणी गठबंधन सहयोगी टीवीके के उम्मीदवार चयन पर खुलकर असहमति जताने के रूप में सामने आई है।
उम्मीदवार चयन पर कार्ति की आपत्ति
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने के. मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों ने इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के टिकट पर जीत दर्ज की थी, और बाद में पार्टी से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गए।
कार्ति चिदंबरम ने कहा, 'मेरा मानना है कि जिन उम्मीदवारों ने अप्रैल-मई में एआईएडीएमके के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की तथा जून में पार्टी से इस्तीफा दे दिया, उन्हें टिकट नहीं दिया जाना चाहिए था।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'टीवीके को इन उम्मीदवारों से इंतजार करने के लिए कहना चाहिए था और अपने उन कार्यकर्ताओं को टिकट देना चाहिए था, जो पहले से पार्टी, संगठन या उनके फैन क्लब से जुड़े रहे हैं।'
टीवीके की लोकप्रियता पर कार्ति का मत
हालांकि कार्ति ने उम्मीदवार चयन पर आपत्ति जताते हुए भी स्वीकार किया कि टीवीके को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम उम्मीदवारों की बजाय पार्टी की लोकप्रियता का आईना होंगे। यह बयान गठबंधन के भीतर आंतरिक तनाव को भी उजागर करता है।
धारापुरम उपचुनाव: टीवीके के लिए बड़ी परीक्षा
तिरुप्पुर जिले में यह पहला विधानसभा उपचुनाव है। मुख्यमंत्री विजय की पार्टी के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण इस उपचुनाव का महत्व और बढ़ गया है। दोनों सीटों पर जीत से राज्य सरकार की विधायी स्थिति मज़बूत होगी।
धारापुरम से टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा का मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) की सुकन्या, एआईएडीएमके की के. भानुमति, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के पी. लक्ष्मणन और नाम तमिलर काची (एनटीके) की कार्तिका से है। यानी पाँच दलों के बीच सीधा मुकाबला है।
पिछले चुनाव के आँकड़े
इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में धारापुरम में 88.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। सत्यभामा ने 81,100 वोट हासिल कर डीएमके उम्मीदवार पी. इंद्राणी को 16,727 वोटों के अंतर से हराया था; इंद्राणी को 64,373 वोट मिले थे। टीवीके की एस. गौरी चित्रा 46,438 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं, जो कुल मतों का 23.23 प्रतिशत था। गौरतलब है कि अब सत्यभामा उसी टीवीके के टिकट पर उतरी हैं जिस पार्टी ने उन्हें पहले हराया था — यह राजनीतिक समीकरणों का दिलचस्प पलटाव है।
आगे की राह
यह उपचुनाव टीवीके के लिए केवल सीटें जीतने का नहीं, बल्कि अपनी संगठनात्मक साख साबित करने का भी अवसर है। कार्ति चिदंबरम की आपत्ति गठबंधन के भीतर एक महत्वपूर्ण संकेत है — यदि टीवीके जीतती है, तो पार्टी की लोकप्रियता का डंका बजेगा; हारती है, तो उम्मीदवार चयन पर सवाल और गहरे होंगे।