LK आडवाणी के 100वें जन्मवर्ष पर PM मोदी ने घर जाकर दी बधाई, एक्स पर लिखा भावभीना लेख
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के नई दिल्ली स्थित आवास पर पहुँचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। भाजपा के इस वरिष्ठतम नेता ने आज अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया — एक ऐसा पड़ाव जो भारतीय राजनीति में विरले ही किसी को नसीब होता है।
BJP मुख्यालय में हवन, नेताओं की भागीदारी
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने मुख्यालय में एक विशेष हवन का आयोजन किया। सुबह 10 बजे से 10:30 बजे IST के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पार्टी ने इस दिन को आडवाणी की दीर्घ राजनीतिक सेवा के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में मनाया।
PM मोदी का एक्स पोस्ट और विशेष लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने आडवाणी के जीवन-सफर को श्रद्धापूर्वक याद किया। अपनी पोस्ट में मोदी ने लिखा: 'आज, 8 नवंबर, एक ऐतिहासिक दिन है। एलके आडवाणी अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस विशेष अवसर पर, मैं उन्हें बधाई देता हूँ। मैंने एक लेख लिखा है, जिसमें मैंने भारत के प्रति उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया है।'
मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के बहुआयामी व्यक्तित्व को उजागर करते हुए लिखा: 'मैंने उनके सफर को याद किया है — चाहे वह बंटवारे की भयावहता को झेलकर फिर से जीवन की शुरुआत करना हो, जनसंघ को मजबूत करना और भाजपा का निर्माण करना हो, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए खड़े होना हो, सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा का नेतृत्व करना हो, या सरकार में रहकर देश की सेवा करना हो।'
आडवाणी का राजनीतिक सफर: एक नज़र
गौरतलब है कि लाल कृष्ण आडवाणी का राजनीतिक जीवन सात दशकों से अधिक लंबा है। देश के विभाजन की पीड़ा झेलने के बाद उन्होंने जनसंघ में अपनी सक्रियता शुरू की और आगे चलकर BJP के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाई। 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा उनके राजनीतिक जीवन का एक ऐसा अध्याय है जिसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में देश की सेवा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा की राजनीतिक उपस्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का श्रेय आडवाणी के नेतृत्व और दूरदृष्टि को दिया। उन्होंने आडवाणी की पढ़ने की गहरी रुचि, संस्कृति और सिनेमा के प्रति उनके प्रेम तथा एक सशक्त लेखक के रूप में उनकी पहचान का भी उल्लेख किया।
आम जनता और पार्टी पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब BJP एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को नेतृत्व हस्तांतरित करने की प्रक्रिया से गुज़र रही है। आडवाणी जैसे संस्थापक नेताओं का सम्मान पार्टी के लिए न केवल भावनात्मक महत्व रखता है, बल्कि यह उस वैचारिक विरासत को भी स्वीकार करता है जिस पर पार्टी की नींव खड़ी है। 2019 में आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है — देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
आगे क्या
प्रधानमंत्री मोदी का यह व्यक्तिगत दौरा और सार्वजनिक श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि पार्टी अपने संस्थापक पुरुषों की विरासत को सक्रिय रूप से संजो रही है। आडवाणी की सेहत और उनकी दीर्घायु को देखते हुए यह अवसर पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में दर्ज होगा।