LK आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर PM मोदी की भावुक श्रद्धांजलि, लिखा- 'हाथ थामकर सिखाईं राजनीति की बारीकियां'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एक विस्तृत आर्टिकल लिखा, जिसमें उन्होंने आडवाणी को अपना राजनीतिक अभिभावक बताया। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि आडवाणी ने उनका हाथ थामकर राजनीति की बारीकियां सिखाईं। आज आडवाणी 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं — और यह अवसर दीपावली के पर्व के साथ जुड़कर और भी यादगार बन गया है।
एक्स पर क्या लिखा पीएम मोदी ने
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज, 8 नवंबर, एक अहम दिन है। एल.के. आडवाणी 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास मौके पर, उन्हें मेरी शुभकामनाएं।' उन्होंने साथ ही एक आर्टिकल का उल्लेख किया, जिसमें आडवाणी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया गया है।
मोदी ने अपनी पोस्ट में आडवाणी के सफर को याद करते हुए लिखा — देश के बंटवारे की पीड़ा से उबरना, जनसंघ को सशक्त बनाना, भाजपा की नींव रखना, आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग रहना और सोमनाथ से अयोध्या तक की ऐतिहासिक रथयात्रा का नेतृत्व करना।
आडवाणी के व्यक्तित्व की झलक
पीएम मोदी ने अपने आर्टिकल में आडवाणी के बहुआयामी व्यक्तित्व को भी उजागर किया। उन्होंने लिखा कि आडवाणी न केवल एक प्रखर राजनेता हैं, बल्कि एक विपुल पाठक और लेखक भी हैं, जिनका संस्कृति और सिनेमा के प्रति गहरा लगाव रहा है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब राजनेताओं की सार्वजनिक छवि अक्सर उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्ष को छुपा देती है।
व्यक्तिगत संबंध की भावुक दास्तां
अपने आर्टिकल के सर्वाधिक भावपूर्ण हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'आज का यह अवसर मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत भावुक कर देने वाला है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे हमेशा उनका स्नेह, सान्निध्य और मार्गदर्शन मिलता रहा है।' मोदी के अनुसार, कई दशक पहले सार्वजनिक जीवन में आने के बाद धीरे-धीरे आडवाणी उनके लिए अभिभावक जैसे बन गए।
मोदी ने आगे लिखा, 'उन्होंने मेरा हाथ थामकर मुझे राजनीति की बारीकियां सिखाईं, कदम-कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। जीवन में जब भी कोई कठिन परिस्थिति आई, उनका अनुभव और उनकी सीख मेरे लिए संबल बने।'
संयोग जो इस अवसर को विशेष बनाते हैं
पीएम ने अपने आर्टिकल में एक सुखद संयोग का उल्लेख किया — 8 नवंबर 2026 को आडवाणी का जन्मदिन दीपावली के पावन पर्व के साथ एक ही दिन पड़ा। मोदी ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के उत्सव के साथ इस महत्वपूर्ण पड़ाव का जुड़ना इसे और भी अर्थपूर्ण बनाता है। गौरतलब है कि इसी वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है — जो इस अवसर को ऐतिहासिक महत्ता देती है।
आडवाणी के लिए संस्कृत शुभकामना
प्रधानमंत्री ने अपने आर्टिकल का समापन एक सुंदर संस्कृत श्लोक से किया — 'जीवेत शरदः शतं, पश्येम शरदः शतं, शृणुयाम शरदः शतं' — जिसका आशय है: सौ शरद ऋतुएं जीएं, देखें और सुनें। यह पंक्ति आडवाणी की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को सहज ही अभिव्यक्त करती है। आने वाले समय में आडवाणी का सार्वजनिक जीवन और उनकी स्मृतियां भारतीय राजनीति की पाठ्यपुस्तक बनी रहेंगी।