8 नवंबर 2026
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LK आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर PM मोदी की भावुक श्रद्धांजलि, लिखा- 'हाथ थामकर सिखाईं राजनीति की बारीकियां'

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LK आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर PM मोदी की भावुक श्रद्धांजलि, लिखा- 'हाथ थामकर सिखाईं राजनीति की बारीकियां'

सारांश

99 वर्ष के हुए लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट और एक विशेष आर्टिकल लिखकर उन्हें अपना राजनीतिक अभिभावक बताया। यह दिन दीपावली के साथ, जनसंघ की 75वीं और RSS की 100वीं वर्षगांठ के वर्ष में आया — जो इस अवसर को ऐतिहासिक बनाता है।

मुख्य बातें

लालकृष्ण आडवाणी 8 नवंबर 2026 को 99 वर्ष के हुए और 100वें वर्ष में प्रवेश किया।
PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट और एक विस्तृत आर्टिकल के माध्यम से शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने आडवाणी को अपना राजनीतिक अभिभावक बताते हुए कहा — 'उन्होंने हाथ थामकर राजनीति की बारीकियां सिखाईं।' इस वर्ष जनसंघ की 75वीं वर्षगांठ , RSS के 100 वर्ष और डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी है।
आडवाणी का जन्मदिन इस बार दीपावली के पर्व के साथ एक ही दिन पड़ा।
मोदी ने संस्कृत श्लोक 'जीवेत शरदः शतं...' से आडवाणी की दीर्घायु की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एक विस्तृत आर्टिकल लिखा, जिसमें उन्होंने आडवाणी को अपना राजनीतिक अभिभावक बताया। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि आडवाणी ने उनका हाथ थामकर राजनीति की बारीकियां सिखाईं। आज आडवाणी 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं — और यह अवसर दीपावली के पर्व के साथ जुड़कर और भी यादगार बन गया है।

एक्स पर क्या लिखा पीएम मोदी ने

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज, 8 नवंबर, एक अहम दिन है। एल.के. आडवाणी 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास मौके पर, उन्हें मेरी शुभकामनाएं।' उन्होंने साथ ही एक आर्टिकल का उल्लेख किया, जिसमें आडवाणी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया गया है।

मोदी ने अपनी पोस्ट में आडवाणी के सफर को याद करते हुए लिखा — देश के बंटवारे की पीड़ा से उबरना, जनसंघ को सशक्त बनाना, भाजपा की नींव रखना, आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग रहना और सोमनाथ से अयोध्या तक की ऐतिहासिक रथयात्रा का नेतृत्व करना।

आडवाणी के व्यक्तित्व की झलक

पीएम मोदी ने अपने आर्टिकल में आडवाणी के बहुआयामी व्यक्तित्व को भी उजागर किया। उन्होंने लिखा कि आडवाणी न केवल एक प्रखर राजनेता हैं, बल्कि एक विपुल पाठक और लेखक भी हैं, जिनका संस्कृति और सिनेमा के प्रति गहरा लगाव रहा है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब राजनेताओं की सार्वजनिक छवि अक्सर उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्ष को छुपा देती है।

व्यक्तिगत संबंध की भावुक दास्तां

अपने आर्टिकल के सर्वाधिक भावपूर्ण हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'आज का यह अवसर मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत भावुक कर देने वाला है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे हमेशा उनका स्नेह, सान्निध्य और मार्गदर्शन मिलता रहा है।' मोदी के अनुसार, कई दशक पहले सार्वजनिक जीवन में आने के बाद धीरे-धीरे आडवाणी उनके लिए अभिभावक जैसे बन गए।

मोदी ने आगे लिखा, 'उन्होंने मेरा हाथ थामकर मुझे राजनीति की बारीकियां सिखाईं, कदम-कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। जीवन में जब भी कोई कठिन परिस्थिति आई, उनका अनुभव और उनकी सीख मेरे लिए संबल बने।'

संयोग जो इस अवसर को विशेष बनाते हैं

पीएम ने अपने आर्टिकल में एक सुखद संयोग का उल्लेख किया — 8 नवंबर 2026 को आडवाणी का जन्मदिन दीपावली के पावन पर्व के साथ एक ही दिन पड़ा। मोदी ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के उत्सव के साथ इस महत्वपूर्ण पड़ाव का जुड़ना इसे और भी अर्थपूर्ण बनाता है। गौरतलब है कि इसी वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है — जो इस अवसर को ऐतिहासिक महत्ता देती है।

आडवाणी के लिए संस्कृत शुभकामना

प्रधानमंत्री ने अपने आर्टिकल का समापन एक सुंदर संस्कृत श्लोक से किया — 'जीवेत शरदः शतं, पश्येम शरदः शतं, शृणुयाम शरदः शतं' — जिसका आशय है: सौ शरद ऋतुएं जीएं, देखें और सुनें। यह पंक्ति आडवाणी की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को सहज ही अभिव्यक्त करती है। आने वाले समय में आडवाणी का सार्वजनिक जीवन और उनकी स्मृतियां भारतीय राजनीति की पाठ्यपुस्तक बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पार्टी की निरंतरता की एक सुस्पष्ट राजनीतिक घोषणा है। गौरतलब है कि आडवाणी और मोदी के बीच के संबंध हमेशा सरल नहीं रहे — 2014 के बाद नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पर्दे के पीछे तनाव की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि को केवल व्यक्तिगत स्नेह की अभिव्यक्ति मानना, पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लालकृष्ण आडवाणी की आयु कितनी हो गई है?
लालकृष्ण आडवाणी 8 नवंबर 2026 को 99 वर्ष के हो गए और अब अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। वे BJP के सबसे वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं।
PM मोदी ने आडवाणी के जन्मदिन पर क्या लिखा?
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट और एक विशेष आर्टिकल लिखकर आडवाणी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आडवाणी को अपना राजनीतिक अभिभावक बताते हुए कहा कि उन्होंने 'हाथ थामकर राजनीति की बारीकियां सिखाईं।'
आडवाणी के जन्मदिन का यह वर्ष विशेष क्यों माना जा रहा है?
इस वर्ष आडवाणी का 99वां जन्मदिन दीपावली के पर्व के साथ एक ही दिन पड़ा। साथ ही 2026 में जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, RSS के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है, जो इसे ऐतिहासिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
आडवाणी ने अपने राजनीतिक जीवन में क्या प्रमुख योगदान दिए?
PM मोदी ने अपने आर्टिकल में उल्लेख किया कि आडवाणी ने जनसंघ को मजबूत किया, भाजपा की नींव रखी, आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा की और सोमनाथ से अयोध्या तक ऐतिहासिक रथयात्रा का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
मोदी ने आडवाणी के लिए कौन सा संस्कृत श्लोक लिखा?
PM मोदी ने अपने आर्टिकल के अंत में 'जीवेत शरदः शतं, पश्येम शरदः शतं, शृणुयाम शरदः शतं' लिखा, जिसका अर्थ है — सौ वर्षों तक जीएं, देखें और सुनें। यह वैदिक आशीर्वाद दीर्घायु की शुभकामना का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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