क्या आडवाणी ने सभी को ईमानदारी और देशभक्ति के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया?
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'भारत रत्न' लालकृष्ण आडवाणी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। इस विशेष अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि आडवाणी जी के लगातार प्रयासों ने कई पीढ़ियों को ईमानदारी, देशभक्ति और निस्वार्थ कर्तव्य के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है।
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई। भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक प्रमुख राजनेता और मार्गदर्शक के रूप में, आडवाणी जी ने अपना जीवन राष्ट्र की प्रगति, एकता और सांस्कृतिक समरसता के लिए समर्पित किया है। अपने अद्वितीय करियर के दौरान उन्होंने स्थायी आदर्शों, दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।"
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, "आडवाणी जी के अनवरत प्रयासों ने पीढ़ियों को ईमानदारी, देशभक्ति और निस्वार्थ कर्तव्य के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है। उनका योगदान भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित करता है।"
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी आडवाणी जी से उनके जन्मदिन पर मुलाकात की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "भारतीय राजनीति के एक प्रमुख व्यक्तित्व और मेरे पिता समान लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर मैं उनके निवास पर गया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। आडवाणी जी की देशभक्ति, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "एक महान दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता से भरे राजनेता आडवाणी जी का जीवन भारत की प्रगति को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने सदैव निस्वार्थ कर्तव्य और दृढ़ सिद्धांतों को अपनाया है। उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा, "आडवाणी जी ने यह दिखाया है कि कैसे निस्वार्थ भाव से जीवन को राष्ट्र के प्रति समर्पित किया जाता है। संगठन से लेकर सरकार तक, उनके हर दायित्व का एक ही लक्ष्य रहा है, राष्ट्र प्रथम। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को गांवों से लेकर महानगरों तक पहुंचाया और गृह मंत्री के रूप में देश की सुरक्षा को सुदृढ़ किया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई और रथ यात्रा निकालकर पूरे देश में जनजागरण किया। ईश्वर से उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।